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जानिए कैसे आपके कार का वॉइस कमांड आपके बोले गए ऑर्डर को फॉलो करता है   

Wed, 15 Mar 2017 10:12 AM IST
amarujala.com- Presented by: शिवेंदु शेखर
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फोर्ड सिंक-3 - फोटो : source/Autos.ca
आजकल कई कारों में ऐसे फीचर्स दिए गए हैं कि बस आप बोलते जाइए और कार उसे फॉलो करती जाएगी। ऐसी ही एक टेक्नोलॉजी है 'फोर्ड सिंक -3', साइंस जिसकी मदद से आपकी कार आपको समझेगी। 
 
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1. फोर्ड सिंक 3 टेक्नोलॉजी

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फोर्ड सिंक-3 - फोटो : source
यह आवाज की नहीं बल्कि जब हम कुछ कहते हैं, तो उससे निकलने वाली ध्वनि तरंगों के हिसाब से काम करता है। आवाज हवा के दबाव में छोटे छोटे बदलावों के द्वारा पैदा होती है और यह हमारे कान में ध्वनि की एक निरंतर तरंग के रूप में प्रवेश करती है लेकिन कंप्यूटर इंसानों की तरह नहीं होते हैं। उन्हें शब्दों को सुनने के लिए एक अलग तरीके की जरूरत होती है और वो इन शब्दों को टेक्स्ट में तब्दील कर देते हैं। इसलिए जब हमारी आवाज उन मशीनों में जाती है जो हम प्रयोग करते हैं तो मशीन इन ध्वनि तरंगों को मापता है और इन्हें स्टोर करता है।

हर आवाज के साथ वह बार-बार यह प्रक्रिया दोहराता है। इसके परिणामस्वरूप आप जो बोलते हैं, वह आवाज कंप्यूटर द्वारा समझे जाने वाली भाषा में डिजिटाईज हो जाता है। इसके लिए एक बिल्कुल सटीक प्रक्रिया की जरूरत होती है। 
 
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2. हमारी आवाज और किसी अन्य चीज की आवाज

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फोर्ड सिंक-3 - फोटो : source
जब एक बार डिजिटल रूप में आवाज रिकॉर्ड कर ली जाती है तब कंप्यूटर एलगोरिदम के माध्यम से फैसला करता है कि इसे किन साउंड्स पर ध्यान देना है। डिजिटाईज़्ड साउंड में से कौन सी आवाज शब्दों की है और कौन सी कार के इंजन या रेडियो की नहीं, यह पता लगाने के लिए कंप्यूटर सेकंड्स में कई कैलकुलेशन एक ही वक्त पर करके यह तय करता है कि कौन सा साउंड शब्द है और कौन सा नहीं।
 

3. एक शब्द और इसके अलग-अलग एक्सेंट

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फोर्ड सिंक-3 - फोटो : source
आवाज की पहचान स्पीच को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर की जाती है, जिन्हें फीनोम कहते हैं। सिर्फ इंग्लिश में लगभग 40 अलग-अलग फीनोम हैं। कंप्यूटर यह पहचानने के लिए ट्रेंड होता है कि हर स्पीच सेगमेंट डिजिटल रूप में कैसा दिखेगा, लेकिन वो हमेशा एक से नहीं होते। उदाहरण के लिए आवाज अलग-अलग एक्सेंट तथा स्पेलिंग के साथ बदलती हैं। डिक्शनरी में शब्द के क्रम और उसके इस्तेमाल के संबंध के आधार पर आपके गैजेट में कंप्यूटर यह कल्पना कर सकता है कि आप क्या कह रहे हैं। इसलिए यदि आपकी दोस्त मैरी आपके कॉन्टैक्ट की सूची में है तब कमांड मैरी उस कॉंटेक्ट में सेव नाम के लिए होगा ना कि किसी शादी वाले 'मैरी' के लिए। 

 
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4. यह अनुमान लगाना कि वाक्य में अगला शब्द क्या होगा

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फोर्ड सिंक-3 - फोटो : source
एक स्पीच की स्ट्रीम में शब्द के कई सारे जोड़े हो सकते हैं क्योंकि तेजी से बोलते वक्त कई सारे फोनीम्स एक से सुनाई पड़ते हैं। कभी कभी ऐसे शब्दों की एक पूरी सीरीज बन जाती है, जिसका कोई अर्थ नहीं निकलता। इस प्रॉब्लम को दूर करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम इस आधार पर मॉडल का प्रयोग करता है कि लोग असल में कैसे बात करते हैं और पहचानने की कोशिश करता है कि एक शब्द के बाद कौन सा शब्द आएगा।
 
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5. तेजी से और सबसे सही रिजल्ट

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फोर्ड सिंक-3 - फोटो : source
जब सभी कैलक्यूलेशन पूरे कर लिए जाते हैं और अनुमान लगा लिए जाते हैं तब अंत में  कंप्यूटर अपना बेस्ट रिजल्ट देता है। फिर चाहे यह पहले से तय मेन्यू से स्क्रीन पर आए या आवाज के फॉर्म में रिजल्ट आए।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक एक्सपर्ट ने बताया, ''नई अत्याधुनिक वॉईस रिकॉग्निशन तकनीक काफी तेज रिस्पॉन्स टाईम हासिल कर सकती है और पहले से अधिक सहज है।" उन्होंने आगे कहा, "सिंक-3 का यूजर अपनी कार को साउंड कमांड दे सकता है। जैसे रेडियो के लिए आपको 'रेडियो' कहना होगा इससे सिंक आपको एक दूसरे मेन्यु की ओर डायरेक्ट करेगा और आप से उस रेडियो स्टेशन की फ्रीक्वेंसी के बारे में पूछेगा, जो आप सुनना चाहते हैं।

फोर्ड का लक्ष्य अपनी प्रतिबद्धता मजबूत कर ग्राहकों को वो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी प्रदान करना है जो वो चाहते हैं। हाल ही में भारत में फोर्ड के सबसे उपयोगी टेक्नोलॉजी को प्रीमियम एसयूवी फोर्ड एंडेवर में पेश किया गया है। आज की तारीख में सभी कंपनियां रियल-टाईम टेक्नोलॉजी के साथ अपने-अपने क्षेत्र में कुछ न कुछ नया कर रही हैं और फोर्ड की वॉईस एक्टिवेटेड कमांड इसका एक नायाब उदाहरण है जो कई तरीकों से ग्राहकों की जिंदगी आसान बना रही है।
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