हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य में पांच चयनित ग्रीन कॉरिडोर (हरित गलियारों) में सुविधाएं बढ़ाने के लिए दो कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
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Electric Vehicles Charging Station
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य में पांच चयनित ग्रीन कॉरिडोर (हरित गलियारों) में सुविधाएं बढ़ाने के लिए दो कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
जारी बयान में कहा गया कि परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने राज्य सरकार की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। जबकि ईवीआई टेक्नोलॉजी की ओर से राहुल सोनी और जियो-बीपी की ओर से अविनाश शर्मा ने हस्ताक्षर किए।
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Electric Car
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सुक्खू ने कहा कि निविदा समझौते के अनुसार जियो-बीपी मंडी-जोगिंद्रनगर-पठानकोट और कीरतपुर-मनाली-केलांग कॉरिडोर विकसित करेगी। जबकि ईवीआई टेक्नोलॉजी परवाणू-ऊना-संसारपुर-टैरेस-नूरपुर और परवाणू-शिमला-रिकांगपिओ-लोसर कॉरिडोर का काम एक साल के भीतर पूरा करेगी।
इसके अलावा इलेक्ट्रोवेब कंपनी शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने पर काम करेगी। परियोजना के तहत कंपनियां एक साल के भीतर इन कॉरिडोर के साथ 41 रणनीतिक स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन, वे-साइड सुविधाएं और सुपरमार्केट स्थापित करेंगी।
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EV charging
- फोटो : Freepik
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बसों, ई-ट्रकों और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इन 41 स्थानों पर चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा, इन स्थानों पर शौचालय और रेस्तरां जैसी सार्वजनिक सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी। और कंपनियां राज्य सरकार को सालाना 75 लाख रुपये लीज मनी के रूप में देंगी।
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Electric Car
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2026 तक हिमाचल को ग्रीन एनर्जी स्टेट (हरित ऊर्जा राज्य) बनाने का निर्णय लिया है। जिसके लिए सरकार राज्य को ई-वाहनों के लिए मॉडल राज्य के रूप में विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह पहल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और भावी पीढ़ियों के लिए टिकाऊ पर्यावरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े को इलेक्ट्रिक बसों में बदलेगी।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 350 ई-बसें खरीदने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से राज्य परिवहन विभाग देश का पहला ऐसा विभाग बन गया है, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा संचालित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इन ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना से निजी वाहन मालिकों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।