कर्नाटक में हाई-एंड इलेक्ट्रिक वाहन अब महंगे होंगे। क्योंकि राज्य सरकार ने उन पर अतिरिक्त टैक्स लगाया है। कर्नाटक सरकार का यह ताजा कदम बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं के बीच आया है, जो राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ोतरी पर असर डाल सकता है। संशोधित कर्नाटक मोटर वाहन कराधान अधिनियम 2024 राज्य में हाई-एंड इलेक्ट्रिक वाहनों पर 10 प्रतिशत का आजीवन टैक्स लगाता है, जो मौजूदा रोड टैक्स के अलावा है।
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Luxury Electric Car
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अब, कर्नाटक मोटर वाहन कराधान अधिनियम 2024 में किए गए संशोधन के अनुसार, 25 लाख रुपये से ज्यादा की लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर नए वाहन के पंजीकरण के दौरान वाहन की लागत का 10 प्रतिशत आजीवन टैक्स लगाया जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है कि "इलेक्ट्रिक से चलने वाले मोटर कार, जीप, ओम्नीबस और निजी सेवा वाहन, जिनकी वाहन लागत 25 लाख रुपये से ज्यादा है, नए वाहन के पंजीकरण के समय वाहन लागत का 10 प्रतिशत आजीवन टैक्स के अधीन होंगे।"
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संशोधन से पहले भी, कर्नाटक ने भारत में वाहनों पर 13 से 20 प्रतिशत के बीच का सबसे ज्यादा रोड टैक्स लगाया था। प्रीमियम और लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाने से प्रीमियम हाई-एंड इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी। दिलचस्प बात यह है कि यह नया टैक्स कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य में प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स का भुगतान करने से छूट देने के बाद आया है। हालांकि, जहां कर्नाटक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए शून्य पंजीकरण शुल्क के साथ सड़क कर छूट प्रदान करता है। वहीं अन्य राज्य अपनी संबंधित ईवी नीतियों के जरिए वित्तीय सब्सिडी प्रदान करते हैं।
यह कदम राज्य में इलेक्ट्रिक कारों, एसयूवी और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री को प्रभावित करने वाला है। हालांकि, राज्य सरकार संशोधित नीति के जरिए राजस्व बढ़ाने और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को विनियमित करने की कोशिश कर रही है। साथ ही, 10 प्रतिशत आजीवन टैक्स लगाने के बावजूद, कर्नाटक सरकार आने वाले वर्षों में ईवी की बिक्री में पर्याप्त बढ़ोतरी की उम्मीद करती है। राज्य सरकार का अनुमान है कि 2030 तक कर्नाटक में लगभग 23 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिकेंगे, जो मौजूदा 80,000 यूनिट्स से काफी बढ़ोतरी दर्ज करेगा। कर्नाटक में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या पहले ही तीन लाख यूनिट्स को पार कर चुकी है।