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Gujarat EV Policy: गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों पर RTO टैक्स होगा जीरो! सब्सिडी होगी दोगुनी, जानें तैयारी

Sat, 20 Jun 2026 08:17 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया के संकट ने एक बार फिर दुनिया को यह अहसास करा दिया है कि जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भर रहना कितना जोखिम भरा हो सकता है। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए, गुजरात सरकार ने राज्य में क्लीन मोबिलिटी (स्वच्छ परिवहन) की रफ्तार को बढ़ाने के लिए एक व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श शुरू हो चुका है और जल्द ही इस नई नीति का ड्राफ्ट तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा।
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Gujarat EV Policy - फोटो : Amar Ujala

पश्चिम एशिया संकट के बीच जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता से पैदा हुए दबाव ने गुजरात सरकार को स्वच्छ परिवहन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। राज्य सरकार अब एक व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति लाने की तैयारी कर रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति देना है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों का कहना है कि नई ईवी नीति को लेकर विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा शुरू हो चुकी है। और जल्द ही नई नीति का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

नई EV नीति का मुख्य फोकस क्या होगा?

प्रस्तावित नीति को तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित रखा गया है:

  • सभी श्रेणियों में ईवी बिक्री को बढ़ावा देना।
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करना।
  • विशेष प्रोत्साहनों के जरिए ईवी और बैटरी निर्माण को बढ़ावा देना।

सरकार पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव को तेज करना चाहती है। इसमें केवल दोपहिया और यात्री कारें ही नहीं, बल्कि भारी व्यावसायिक वाहन और मल्टी-एक्सल ट्रक भी शामिल होंगे। 

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इलेक्ट्रिक वाहन - फोटो : Adobe Stock

क्या EV खरीदने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है?

नई नीति में उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक:

  • फिलहाल पेट्रोल और डीजल वाहनों पर 6 प्रतिशत आरटीओ टैक्स लगता है।
  • जबकि ईवी पर अभी 1 प्रतिशत आरटीओ टैक्स लगाया जाता है।
  • सरकार अब ईवी पर आरटीओ टैक्स को शून्य (0%) करने पर विचार कर रही है।

क्या EV सब्सिडी भी बढ़ेगी?

नई नीति में ईवी खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है।

संभावित प्रस्ताव:

  • ईवी खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी को दोगुना किया जा सकता है।
  • सब्सिडी का दायरा सभी वाहन श्रेणियों तक बढ़ाया जा सकता है।

वर्तमान व्यवस्था में सब्सिडी का लाभ केवल चुनिंदा वाहन श्रेणियों तक सीमित है।

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इलेक्ट्रिक वाहन - फोटो : Adobe Stock

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या योजना है?

राज्य सरकार ईवी चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से विकसित करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी में है।

इस योजना के तहत:

  • चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटरों को बिजली सब्सिडी दी जा सकती है।
  • अन्य प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

क्या नई इमारतों में EV चार्जिंग अनिवार्य होगी?

सरकार चार्जिंग सुविधाओं को व्यापक बनाने के लिए नियमों में बदलाव पर भी विचार कर रही है।

प्रस्तावित कदम:

  • सामान्य विकास नियंत्रण नियम (GDCR) में संशोधन।
  • सभी भवनों में ईवी चार्जिंग सुविधाओं को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव।

इस कदम से भविष्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।

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इलेक्ट्रिक वाहन - फोटो : Adobe Stock

EV और बैटरी निर्माण को कैसे बढ़ावा मिलेगा?

नई ईवी नीति में निर्माण क्षेत्र को भी विशेष महत्व दिए जाने की संभावना है।

सरकार:

  • ईवी और बैटरी निर्माण के लिए लक्षित प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है।
  • उद्योग जगत के साथ चर्चा कर रही है ताकि निवेश आकर्षित करने के लिए जरूरी उपाय तय किए जा सकें।

सूत्रों के अनुसार:

  • नई औद्योगिक नीति में ईवी और बैटरी निर्माण को थ्रस्ट सेक्टर की श्रेणी में शामिल किया गया है।
  • ईवी नीति के तहत इस क्षेत्र को अतिरिक्त लाभ भी दिए जा सकते हैं।

क्या गुजरात भी दिल्ली की तरह कड़े नियम ला सकता है?

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, राज्य सरकार दिल्ली की तर्ज पर एक नियामकीय उपाय पर भी विचार कर रही है।

इसमें:

  • वर्ष 2028 से पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है।

हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

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इलेक्ट्रिक वाहन - फोटो : Freepik

क्या सरकारी वाहन भी इलेक्ट्रिक होंगे?

राज्य सरकार अपने वाहन बेड़े को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बनाने की योजना पर काम कर रही है।

प्रस्तावित योजना के तहत:

  • सार्वजनिक परिवहन वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा।
  • सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में परिवर्तित किया जाएगा।
  • भविष्य में सरकारी विभागों द्वारा खरीदे जाने वाले नए वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।

गुजरात की नई EV नीति क्यों अहम मानी जा रही है?

प्रस्तावित नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें उपभोक्ताओं को राहत, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, विनिर्माण को प्रोत्साहन और सरकारी बेड़े के विद्युतीकरण जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया है।

अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो शून्य आरटीओ टैक्स, दोगुनी सब्सिडी और व्यापक चार्जिंग नेटवर्क गुजरात को देश के प्रमुख इलेक्ट्रिक मोबिलिटी केंद्रों में शामिल कर सकते हैं। 

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