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इन सेफ्टी फीचर्स के बिना सड़कों पर नहीं उतरेंगी कारें, गाड़ी खरीदते वक्त आप भी रखें ध्यान!

Sat, 18 Jan 2020 06:03 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Global NCAP Rating India - फोटो : Global NCAP
केंद्र सरकार सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए कडे कदम उठाने जा रही है। जिसके तहत इस साल अक्टूबर से कारों में नए मानक लागू होंगे। इन मानकों के तहत सभी कारों और एसयूवी वाहन निर्मातों को अपनी गाड़ियों में पेडेस्ट्रियन प्रोटेक्शन सॉफ्टवेयर लगाना अनिवार्य होगा।
 
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कार एयरबैग

2018 में शुरू हुई थी पहल

2018 की शुरुआत में सरकार ने आने वाली सभी नई कारों में इन बदलावों की सिफारिश की थी, जिनमें नए डिजाइन के बोनेट बनाने के लिए कहा गया था। ताकि सड़क पर पैदल चलने वालों के साथ अगर कोई हादसा घटता है, तो उन्हें कम से कम नुकसान पहुंचे।
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दुर्घटनाग्रस्त कार। - फोटो : अमर उजाला

1.5 लाख लोगों की मौत

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल 1.5 लाख लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। जिनमें 60 फीसदी पैदल यात्री होते हैं। जिसे देखते हुए दुनियाभर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। पैदल यात्रियों को कम से कम चोट लगे इसके लिए गाड़ियों में अगले हिस्से में फ्रंट सेंसर्स लगाने का प्रावधान किया गया है, जो एक सॉफ्टवेयर से जुड़े होंगे।
 

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Car Pedestrian safety - फोटो : Youtube

अमेरिका, ब्रिटेन के मुकाबले भारत पीछे

वहीं गाड़ियों में खास एयरबैग्स यूनिट लगी होगी, जो इंफ्रारेड टेक्नोल़ॉजी की मदद से संभावित हादसे को भांपते हुए एक्यूटेटर्स इंजन हुड को ऊपर की तरफ उठा देंगे, ताकि पैदल यात्री कठोर चीजों जैसे इंजन के संपर्क में आने से बच जाए। अमेरिका और ब्रिटेन के मुकाबले भारत में फिलहाल ऑटोमोटिव सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अभी बेहद पीछे हैं।
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Car Pedestrian safety Features - फोटो : Social Media

पहले लग्जरी कारों में आते थे ये फीचर्स

लेकिन अब सरकार सक्रियता दिखाते हुए नए नियमों को लागू करने में जुट गई है। ताकि पैदल यात्रियों के जानोमाल की सुरक्षा की जा सके। इससे पहले पेडेस्ट्रियन सेफ्टी फीचर्स केवल लग्जरी गाड़ियों में आते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें सभी गाड़ियों में लागू किया जा रहा है। 2019 में वाहनों की सुरक्षा मानकों को लेकर सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाई गई, जहां अक्टूबर से पहले ही सभी कंपनियों ने नए सुरक्षा मानकों के मुताबिक अपनी गाड़ियों को अपग्रेड कर दिया।
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Maruti car Showroom - फोटो : Justdial

ग्राहक भी हुए जागरूक

सरकार भविष्य में Bharat NCAP (न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम) क्रेश टेस्ट भी शुरू कराने की तैयारी कर रही है। विदेश में लगभग हर देश में ये टेस्ट लागू हैं, जहां इन्ही टेस्ट के मुताबिक गाड़ियों को रेटिंग्स दी जाती हैं। नए सुरक्षा मानकों में एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड वार्निंग सिस्टम, सीट बेल्ट रिमाइंडर और एयरबैग्स जैसे फीचर शामिल थे। भारत में फिलहाल मिलने वाली सभी गाड़ियों में ये फीचर आते हैं। वहीं ग्राहक भी अब सुरक्षा पहलुओं को लेकर जारूक हो गए हैं। इससे पहले ग्राहक केवल माइलेज, कीमत और ब्रांड पर ही ध्यान देते थे, वहीं अब नई कार खरीदने के दौरान सेफ्टी फीचर्स के बारे में भी पूछते हैं और उन्हें प्राथमिकता देते हैं।
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autonomous emergency braking - फोटो : Social Media

2022 में आएंगे ये फीचर्स

पेडेस्ट्रियन सेफ्टी फीचर्स के अलावा कार कंपनियां 2022 से नए सेफ्टी फीचर्स देने की तैयारियां कर रही हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल (ESC) और ऑटोनोमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) जैसे फीचर मिलेंगे। सभी वाहन निर्माताओं की कोशिश है कि कैसे इन फीचर्स को कीमतों में बढ़ोतरी किए बिना लागू किया जाए।
 
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