वैश्विक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का बाजार एक बार फिर भारी दबाव में है, और दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक होने के नाते भारत पर भी इसका सीधा असर दिख रहा है। इसी कड़ी में देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये, डीजल में 1 रुपया और सीएनजी (CNG) में 2 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। तेल की अस्थिर कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण भविष्य में भी यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। ऐसे में जहां दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री तेजी से बढ़ी है, वहीं कच्चे तेल के एक और दीर्घकालिक विकल्प के रूप में 'हाइड्रोजन' पर उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं का ध्यान आकर्षित हो रहा है।
इस बीच, दिल्ली में भी हाइड्रोजन ईंधन का इस्तेमाल शुरू हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने शुक्रवार, 15 मई से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में एक एकीकृत हाइड्रोजन चालित शटल बस सेवा शुरू की। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से की गई है।