Hindustan Ambassador अपने दौर की सबसे लोकप्रिय कारों में से एक थी। यह कार राजनेताओं से लेकर शौकीन लोगों की भी पहली पसंद थी। कार के चाहने वालों का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कुछ शौकीन लोग अभी भी इस कार को मॉडिफाइड कराकर अपने गैराज का हिस्सा बनाए हुए हैं। आइए जानते हैं इस कार में ऐसा क्या था जिसने दशकों तक लोगों के दिलों पर राज किया।
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Hindustan Ambassador
- फोटो : Social Media
मेक इन इंडिया कार
बता दें कि इस कार का प्रोडक्शन साल 1957 में शुरू किया गया था। दशकों बाद इस कार को 2014 में बंद कर दिया गया। हालांकि कंपनी ने इस कार में समय समय पर कई बदलाव भी किए। अभी इस कार का मालिकाना हक फ्रांस की वाहन निर्माता कंपनी Peugeot SA के पास है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह कार पूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' थी। उस दौर में लोग इस कार में बैठकर निकलने पर अपनी शान समझते थे। यही नहीं तब यह कार हर हिंदुस्तानी का सपना हुआ करती थी।
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Ambassador car
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने किया सफर
Ambassador कार कभी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की भी सवारी हुआ करती थी। उस दौर में जब सफेद Ambassador कारों का काफिला निकलता था तो समझ में आ जाता था कि कोई वीवीआई गुजर रहा है, क्योंकि उस समय पुलिस महकमे से लेकर नेताओं मंत्रियों की भी यही सवारी हुआ करती थी। इस कार में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक ने सफर तय किया है। तब इन्होंने अपना हर रास्ता इस कार से ही पूरा किया। हालांकि बाद में अटल सरकार के दौरान इस कार की जगह अन्य गाड़ियों ने ले ली।
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किंग ऑफ इंडियन रोड का दर्जा
60 और 70 के दशक में बाजार में इस कार का अपना दबदबा था। उस वक्त इस कार को देश में स्टेटस सिंबल माना जाता था। अंबेसडर कार Morris Oxford का सीरीज 3 मॉडल थी। यूके की कंपनी मॉरिस ने सबसे पहले इस डिजाइन की कार को उतारा था, जो लैंडमास्टर के नाम से आती थी। वहीं थोड़े बहुत बदलाव के साथ इसे हिंदु्तान मोटर्स ने Ambassador नाम से बाजार में उतारा। इस कार को किंग ऑफ इंडियन रोड का दर्जा भी मिला। कार के कई मॉडल बाजार आए। बता दें कि मारुति 800 के बाद से ही इस कार का पतन शुरू हो गया था। इसके बाद कई विदेशी कंपनियों ने भी भारतीय बाजार पर कब्जा कर लिया और और इस कार का ग्राफ नीचे गिरता रहा। फाइनली इस कार को 2014 में बंद कर दिया गया।
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2004 में हुआ था 9 लाख यूनिट्स कारों का प्रोडक्शन
Hindustan Ambassador कार देश की सबसे पहली डीजल इंजन कार थी। इस कार में 1489 सीसी की क्षमता का इंजन था जो कि BMW का बी सीरीज डीजल इंजन था। वहीं इसमें 5- स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन गियरबॉक्स का प्रयोग किया गया था। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 1984 में कंपनी ने इसकी 1 लाख यूनिट्स का प्रोडक्शन किया था। जबकि 2004 में कंपनी ने इसकी 9 लाख यूनिट्स का प्रोडक्शन किया।
कार को जब लॉन्च किया गया था तब इसकी कीमत करीब 14 हजार रुपये थी, लेकिन जब इस कार को 2014 में बंद किया तब इसकी कीमत 5.22 लाख रुपये थी। इस कार ने अपने नाम कई खिताब किए हैं। 2013 में इस कार ने बेस्ट टैक्सी का खिताब भी हासिल किया है। इस कार को आज भी कई स्थानों में टैक्सी के रूप में चलाया जाता है।