देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर जारी बहस के बीच वाहन खरीदारों के सामने एक नई दुविधा खड़ी हो गई है। एक ओर लोग इथेनॉल के इंजन पर पड़ने वाले प्रभाव और बदलते नियमों को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी तेजी से उभर रहा है कि नई कार खरीदते समय पेट्रोल (ICE) मॉडल चुनें, फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (FFV) लें या फिर सीधे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की ओर बढ़ें।
इसी बीच B2K एनालिटिक्स (B2K Analytics) के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि लंबी अवधि के लिहाज से भारत के परिवहन क्षेत्र के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (EV), फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की तुलना में अधिक भरोसेमंद और टिकाऊ विकल्प साबित हो सकते हैं।