दिल्ली में प्रदूषण के पीछे वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन सबसे बड़ा कारण है। पर्यावरण मंत्रालय ने एक बैठक के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन पर संसदीय स्थायी समिति को यह जानकारी दी है।
दिल्ली में प्रदूषण के पीछे वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन सबसे बड़ा कारण है। पर्यावरण मंत्रालय ने एक बैठक के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन पर संसदीय स्थायी समिति को यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सांसदों से सुझाव भी मांगे हैं। क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में चार हफ्तों से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) (GRAP) के सख्त चरण 4 उपायों लागू हैं।
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पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के पीछे मुख्य कारणों से अवगत कराने के लिए स्थायी समिति के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि GRAP चरण 4 के उपाय लागू होने के बावजूद, पिछले चार हफ्तों से दिल्ली में AQI का स्तर वास्तव में पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के अलावा, अधिकारियों ने यह भी कहा कि पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पराली जलाना भी बढ़ते प्रदूषण के स्तर के पीछे एक बड़ा कारण है।
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- फोटो : एएनआई
GRAP चरण 4 के तहत वाहनों पर प्रतिबंध
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 8 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में GRAP चरण 4 प्रतिबंध लागू किए थे। जब प्रदूषण का स्तर गंभीर प्लस श्रेणी में पहुंच गया था। प्रतिबंधों ने राष्ट्रीय राजधानी के भीतर BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल कारों पर प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही अन्य वाहनों की आवाजाही को भी प्रतिबंधित कर दिया। पिछले कुछ दिनों में AQI में सुधार के बावजूद प्रतिबंध अभी भी लागू हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उपायों में ढील देने से इनकार कर दिया है। उम्मीद है कि शीर्ष अदालत गुरुवार को इस बात पर फैसला ले सकती है कि दिल्ली में GRAP चरण 4 के उपाय जारी रहेंगे या नहीं।
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- फोटो : अमर उजाला
वाहन प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना
BS-3 पेट्रोल या BS-4 डीजल कार चलाकर GRAP स्टेज 4 मानदंडों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपये का ट्रैफिक जुर्माना लग सकता है। ओवरएज वाहन जब्त किए जा रहे हैं, जिसमें 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल कारें या 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल कारें शामिल हैं। वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना चलने वाले वाहनों पर भी 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।
दिल्ली में 25 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन जोड़े गए
दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। राज्य सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू करने के लिए 2024-25 के बजट अनुमान 30 करोड़ के मुकाबले संशोधित अनुमान में 140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में 25 कम लागत वाले ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया। दिल्ली में अब शहर भर में लगभग 2,400 ईवी चार्जिंग पॉइंट हैं। दिल्ली में बिकने वाले सभी वाहनों में से लगभग 12 प्रतिशत ईवी हैं। राष्ट्रीय राजधानी में देश के सभी शहरों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का घनत्व सबसे ज्यादा है।