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Tesla: टेस्ला ने पेश की भारत में मैन्युफेक्चरिंग की योजना, सरकार इन चीजों पर दे सकती है रियायत

Thu, 18 May 2023 11:09 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टेस्ला चीफ एलन मस्क और भारत के पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : Social Media
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla के मालिक और दूसरे सबसे बड़े रईस शख्स Elon Musk (एलन मस्क) अब चीन की बजाए भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कार बनाना चाहते हैं। मस्क ने भारत में बड़ा दांव लगाने का निर्णय किया है। बदले हुए नजरिए के साथ, एलन मस्क की टेस्ला अब भारत में कार मैन्युफेक्चरिंग पर विचार कर रही है। इसके साथ ही कंपनी अब पहले की तरह अपनी उस मांग को लेकर दबाव नहीं बना रही है, कि सरकार पहले पूरी तरह से निर्मित यूनिट्स (सीबीयू) पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) कम करे। यहां ध्यान देने वाली बात है कि 40,000 डॉलर और उससे अधिक की लागत वाली कारों पर भारत में 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है। इससे कम कीमत वाली कारों पर ड्यूटी 60 फीसदी है। टेस्ला की पहले मांग थी कि आयात शुल्क को घटाकर 40 फीसदी किया जाए, उसके बाद वह भारत में मैन्युफेक्चरिंग पर विचार करेगी। 
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Tesla - फोटो : Social Media
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों का कहना है कि टेस्ला की टीम जो भारत आई है, उन्होंने भारत के लिए एक निर्माण योजना तैयार की है। इस टीम में आपूर्ति श्रृंखला के अधिकारी शामिल हैं और यह टीम प्रमुख मंत्रालयों के साथ-साथ प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर रही है। 
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Tesla car - फोटो : Tesla (For Reference Only)
सूत्रों ने कहा कि टेस्ला अभी भी कुछ शुल्क रियायतों की मांग कर सकती है, लेकिन यह उसके कुछ मॉडलों के लिए बाजार की टेस्टिंग करने के लिए होगी, जिनकी घरेलू मांग शायद ज्यादा नहीं हो। सिंगल ब्रांड रिटेल के तहत विशेष शोरूम खोलना, जिसमें 30 प्रतिशत स्थानीय सोर्सिंग की जरूरत होती है, भी एजेंडे में है। 

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Tesla car - फोटो : Tesla (For Reference Only)
सूत्रों ने कहा कि टेस्ला के नजरिये में बदलाव - पहले आयात शुल्क में कमी करने और फिर शायद घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को देखने से - देश में एपल के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग की सफलता को देखने के बाद आया। सरकारी अधिकारियों ने टेस्ला को बताया कि आयात रियायतों की उसकी मांग को अलग तरीके से पूरा किया जा सकता है। रियायती शुल्क पर सीबीयू आयात करने के बजाय, सरकार घरेलू मैन्युफेक्चरिंग के लिए जरूरी कंपोनेंट्स पर कंपनी को आयात शुल्क रियायतें देने के लिए तैयार थी। ऐसी योजना इस समय चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) के तहत स्मार्टफोन उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए दी जा रही है। 
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Nitin Gadkari - फोटो : Social Media
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि एलन मस्क और टेस्ला का भारत में स्वागत है लेकिन अगर वे चीन में निर्माण करना चाहते हैं और भारत में बेचना चाहते हैं, तो यह संभव नहीं है। गडकरी ने कहा था, "अगर वे यहां निर्माण करते हैं तो हम रियायतों, सब्सिडी के लिए तैयार हैं।"
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