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EV: मार्च में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री में उछाल, आखिर मार्च में ऐसा क्या हुआ कि बढ़ गई बिक्री?

Fri, 27 Mar 2026 08:24 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इलेक्ट्रिक दोपहिया (E2W) वाहन बनाने वाली कंपनियां मार्च में जबरदस्त बढ़ोतरी देख रही हैं। कई वजहें है जिन्होंने बिक्री बढ़ाने में योगदान दिया। जानें डिटेल्स।
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Electric Two Wheeler - फोटो : Freepik

मार्च में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री ने तेज रफ्तार पकड़ ली है, जो साल के अंत में मजबूत मांग का संकेत देती है। संभावित कीमत बढ़ोतरी और सब्सिडी खत्म होने से पहले ग्राहकों ने खरीदारी तेज कर दी है। ऑटो कंपनियां भी अपने सालाना लक्ष्य पूरे करने के लिए आक्रामक बिक्री रणनीति अपना रही हैं। यह ट्रेंड बताता है कि भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। 
 

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TVS iQube ST - फोटो : TVS Motor

क्या बिक्री रिकॉर्ड के करीब पहुंच गई है?
हां, मार्च में अब तक 1.27 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं।
यह आंकड़ा इस वित्त वर्ष का दूसरा सबसे बड़ा मासिक प्रदर्शन बन गया है।

रिकॉर्ड स्तर अक्तूबर 2025 में देखा गया था, जब त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा बिक्री हुई थी।

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Bajaj Chetak 3503 - फोटो : Chetak

क्या इस साल की कुल बिक्री ज्यादा है?
हां, इस वित्त वर्ष में अब तक करीब 13.4 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक चुके हैं।
यह पिछले पूरे साल की तुलना में काफी ज्यादा है, जिससे साफ है कि ईवी सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। 

क्या कीमत बढ़ने का डर भी बिक्री बढ़ा रहा है?
बिल्कुल, कई कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में कीमतें बढ़ सकती हैं।
इसका कारण है:

  • कच्चे माल की बढ़ती कीमत

  • खासकर एल्यूमीनियम, कॉपर, जिंक और कीमती धातुएं

इस वजह से कंपनियों की लागत बढ़ रही है, जिसे ग्राहकों तक पास किया जा सकता है।

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एथर रिज्टा - फोटो : Ather

क्या सब्सिडी खत्म होने का असर है?
हां, PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) स्कीम के तहत मिलने वाली सब्सिडी जल्द खत्म होने वाली है।
इस स्कीम के तहत ग्राहकों को प्रति वाहन कुछ वित्तीय सहायता मिलती है।

इसी कारण कई लोग सब्सिडी खत्म होने से पहले ईवी खरीदना चाह रहे हैं।

कंपनियों पर लागत का कितना दबाव है?
ईवी बनाने में कच्चे माल का हिस्सा कुल लागत का बड़ा भाग होता है।
कीमती धातुओं और अन्य इनपुट की कीमत बढ़ने से कंपनियों का मार्जिन प्रभावित हो रहा है।

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Ampere Magnus Grand - फोटो : Greaves Electric Mobility

मार्केट में कौन आगे है?
मार्च में:

  • TVS Motor (टीवीएस) सबसे आगे है
  • Bajaj Auto (बजाज ऑटो) और Ather Energy (एथर एनर्जी) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं
  • Greaves Electric (ग्रीव्स इलेक्ट्रिक) चौथे स्थान पर आई 
  • Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) पांचवें स्थान पर खिसक गई है

क्या यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च की बिक्री में उछाल अस्थायी भी हो सकता है, क्योंकि यह साल के अंत का असर है।
लेकिन ईवी सेगमेंट की लंबी अवधि की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।

सब्सिडी खत्म होने के डर?
कीमत बढ़ने की आशंका और सब्सिडी खत्म होने के डर ने ईवी खरीदारी को तेज कर दिया है।
यह दिखाता है कि उपभोक्ता अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने लगे हैं, खासकर जब आर्थिक और नीतिगत बदलाव सामने आते हैं। 

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