Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
2. चार्जिंग स्टॉप को पहले से प्लान करें
पेट्रोल पंप तो हर कुछ किलोमीटर पर मिल जाता है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन अब भी इतने ज्यादा नहीं हैं। इसलिए सफर शुरू करने से पहले अपना रूट इस तरह प्लान करें कि बीच-बीच में अच्छे चार्जिंग पॉइंट्स मिल जाएं। जैसे किसी कैफे, मॉल या टूरिस्ट स्पॉट के पास, जहां आप इंतजार के वक्त कुछ काम या आराम कर सकें। साथ ही, हमेशा 30-40 किलोमीटर की एक्सट्रा रेंज का बफर रखें।
बड़े शहरों और हाईवे पर आमतौर पर फास्ट डीसी चार्जर (50 kW से 150 kW) मिल जाते हैं, जो बैटरी को 20-30 मिनट में 80 प्रतिशत तक चार्ज कर देते हैं। लेकिन छोटे कस्बों या ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर एसी चार्जर (7 kW से 22 kW) होते हैं, जिनमें कई घंटे लग सकते हैं। इसलिए रूट इस हिसाब से बनाएं कि जरूरत पड़ने पर अगले चार्जिंग स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकें।
यह भी पढ़ें - Porsche Macan GTS Electric : पोर्शे ने लॉन्च की पहली ऑल-इलेक्ट्रिक मैकन GTS, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स