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Car Guide: नई कार-बाइक खरीदते समय इन 7 चीजों के लिए कभी मत दें पैसे, जानिए शोरूम पर कैसे होती है धोखाधड़ी

Mon, 03 Mar 2025 02:45 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Avoid Overpayment At Dealership: कार-बाइक खरीदते समय डीलर बिल में कई चीजों के लिए अतिरिक्त शुल्क जोड़ देते हैं। आइए जानते हैं आपको किन चीजों के लिए डीलर को पैसे देने से बचना चाहिए।
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Car Showroom - फोटो : Freepik
नई कार बाइक खरीदते समय अक्सर डीलर बिल में कुछ अतिरिक्त शुल्क जोड़ देते हैं। इनमें कुछ ऐसे शुल्क होते हैं जिनकी कोई जरूरत नहीं होती, लेकिन फिर भी ग्राहक से पैसे वसूल लिए जाते हैं। इसलिए वाहन खरीदते समय इन शुल्क के बारे में जानकारी रखना जरूरी है। आइए जानते हैं वाहन खरीदते समय ग्राहक को डीलरशिप पर किन शुल्क का भुगतान करने से बचना चाहिए।
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हैंडलिंग या लॉजिस्टिक चार्ज

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हैंडलिंग या लॉजिस्टिक चार्ज - फोटो : अमर उजाला
कई डीलर वाहन की हैंडलिंग, ट्रांसपोर्ट या लॉजिस्टिक में खर्च हुए पैसों के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लगाते हैं। यह शुल्क वाहन की कीमत में शामिल होता है और इसके लिए आपको अलग से भुगतान नहीं करना चाहिए। इस तरह के चार्ज को डीलर हैंडलिंग चार्ज भी कहा जाता है, जो अवैध माना जाता है।
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आरटीओ एजेंट फीस

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Hyundai Car Showroom - फोटो : Hyundai
वाहन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (RTO) के लिए डीलर एजेंट फीस या सर्विस चार्ज के रूप में अतिरिक्त पैसा वसूलते हैं। हालांकि, RTO की फीस सरकार द्वारा तय की जाती है और इसे आप खुद भी आरटीओ जाकर दे सकते हैं। डीलर द्वारा अधिक चार्ज किए जाने पर आपको सावधानी बरतनी चाहिए।

एसेसरीज का शुल्क

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Car Showroom - फोटो : Freepik
कई डीलर गाड़ी के साथ आने वाले एक्सेसरीज जैसे सीट कवर, मैट्स या मड फ्लैप्स को अनिवार्य बताकर इनके लिए पैसे लेते हैं। यह पूरी तरह से वैकल्पिक होता है। आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार एक्सेसरीज बाहर (आफ्टरमार्केट) से भी खरीद सकते हैं और इन चीजों के लिए अतिरिक्त पैसा देने से बच सकते हैं।
 
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फाइनेंस पर अतिरिक्त शुल्क

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Car Showroom - फोटो : Freepik
फाइनेंस के जरिए वाहन खरीदने वालों से डीलर फाइनेंस कंपनियों के साथ मिलकर ब्याज दरों पर अतिरिक्त शुल्क जोड़ देते हैं। बेहतर होगा कि आप बैंक या फाइनेंस कंपनी से सीधा संपर्क करें और चार्जेज के बारे में पूरी तरह जान लें। कम से कम दो से तीन बैंकों के फाइनेंस ऑफर के बारे में जानने की कोशिश करें और जहां फायदा दिखें वहीं से लोन लें। अगर विकल्प हो तो डीलर के जरिए फाइनेंस करवाने से बचें।
 
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इंश्योरेंस पर ओवरचार्ज

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Used Cars - फोटो : Freepik
डीलर द्वारा दी गई इंश्योरेंस पॉलिसी के चार्ज अक्सर बाजार से अधिक होते हैं। आपको खुद इंश्योरेंस कंपनियों से रेट्स की तुलना करके सस्ती और अच्छी पॉलिसी चुननी चाहिए। ऐसा करने पर आप इंश्योरेंस पॉलिसी के खर्च में भी बचत कर सकते हैं।
 
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प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) चार्ज

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Demo Car - फोटो : Freepik
प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) वाहन की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया होती है और यह डीलर की जिम्मेदारी होती है। इसके लिए डीलर को अलग से कोई चार्ज नहीं देना चाहिए। कुछ डीलर इस प्रक्रिया के लिए भी पैसा मांगते हैं, जो गलत है।
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फास्टटैग पर अतिरिक्त शुल्क

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Toll Plaza - फोटो : PTI
फास्टटैग का शुल्क सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। कई डीलर इसे इश्यू करने के नाम पर अधिक पैसा वसूल लेते हैं, जो गलत है। आपको फास्टटैग के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक भुगतान नहीं करना चाहिए।
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