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AI Traffic Challan: दिल्ली में एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू? अब अपने-आप कटेंगे चालान!

Wed, 11 Feb 2026 03:54 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से निपटने के बड़े प्रयास के तहत अपने ट्रैफिक सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। शहर के एक्शन प्लान में AI-पावर्ड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) शुरू करने का प्रस्ताव है। जानें इसके फायदे।
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एआई स्मार्ट कैमरा - फोटो : Freepik

दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस राजधानी में ट्रैफिक प्रबंधन को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की तैयारी में हैं। प्रदूषण और जाम की समस्या से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इस योजना के तहत 1,000 से अधिक ट्रैफिक सिग्नलों पर स्मार्ट तकनीक, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और स्वत: चालान प्रणाली लागू की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है। 

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AI Traffic System - फोटो : AI

ITMS क्या है और कैसे काम करेगा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह नया सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस एनालिटिक्स और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर आधारित होगा।
इसमें शामिल होंगे:

  • स्मार्ट और एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल

  • ANPR कैमरों के जरिए नियम उल्लंघन की पहचान

  • ऑटोमैटिक चालान जनरेशन

  • रियल-टाइम ट्रैफिक कंट्रोल

  • ट्रैफिक कर्मियों की मैन्युअल भूमिका में कमी

सरकार का लक्ष्य एक आधुनिक, स्केलेबल और तकनीक-आधारित ट्रैफिक व्यवस्था तैयार करना है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले और उत्सर्जन में कमी आए।

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एआई स्मार्ट कैमरा - फोटो : Freepik

स्मार्ट सिग्नल कब और कैसे लागू होंगे?
यह परियोजना दो वर्षों में तीन चरणों में लागू की जाएगी।

पहला चरण (12 महीनों में):

  • 5 ट्रैफिक कॉरिडोर

  • 250 एडैप्टिव सिग्नल जंक्शन

  • 271 प्रवर्तन बिंदु

दूसरा चरण (18 महीनों में):

  • 7 अतिरिक्त कॉरिडोर

  • 222 सिग्नल जंक्शन

  • 236 प्रवर्तन बिंदु

तीसरा चरण:

  • 30 और कॉरिडोर

  • 620 सिग्नल जंक्शन

  • 522 प्रवर्तन स्थान

ये स्मार्ट सिग्नल ट्रैफिक वॉल्यूम और वाहन की गति के अनुसार अपने टाइमिंग खुद समायोजित करेंगे, जिससे पीक ऑवर में जाम कम करने में मदद मिलेगी।

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एआई स्मार्ट कैमरा - फोटो : Freepik

क्या अब चालान अपने-आप कटेंगे?
हां। ANPR कैमरे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पहचानेंगे और तुरंत चालान जारी किया जाएगा।

इससे:

  • उल्लंघन की तेज पहचान

  • तुरंत चालान

  • मैन्युअल जांच पर कम निर्भरता

  • नियमों का बेहतर पालन

प्रवर्तन अधिक पारदर्शी और समान रूप से लागू होगा।

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Delhi Traffic - फोटो : PTI

आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?
सिस्टम लागू होने के बाद यात्रियों को रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट मिलेंगे, जिससे वे कम भीड़ वाले रास्ते चुन सकेंगे।

संभावित फायदे:

  • यात्रा समय में कमी

  • ईंधन की बचत

  • वाहन प्रदूषण में कमी

  • सड़क सुरक्षा में सुधार

बार-बार रुकने और धीमी गति से चलने की स्थिति कम होगी, जिससे प्रदूषण पर सीधा असर पड़ेगा।

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एआई स्मार्ट कैमरा - फोटो : Freepik

क्या पहले से जाम वाले इलाकों की पहचान हो चुकी है? 
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 62 बड़े ट्रैफिक हॉटस्पॉट की पहचान की है और 215 सुधारात्मक कार्य तय किए हैं।

  • 83 कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूरे किए जा चुके हैं।

  • 46 कार्य चल रहे विकास कार्यों के कारण संभव नहीं हो पाए।

नया AI आधारित सिस्टम इन प्रयासों को और मजबूत करेगा।

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एआई स्मार्ट कैमरा - फोटो : Freepik

दिल्ली के लिए इसका क्या मतलब है?
बढ़ती गाड़ियों और प्रदूषण के बीच दिल्ली लंबे समय से जाम और लंबी यात्रा समय की समस्या से जूझ रही है। अधिकारियों का मानना है कि ITMS जैसे तकनीक आधारित समाधान इस स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।

यदि योजना समय पर लागू होती है, तो दिल्ली देश के उन पहले शहरों में शामिल हो सकती है जहां इतने बड़े स्तर पर AI आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू होगी।

आने वाले समय में यात्रियों को कम जाम, तेज सफर और साफ हवा का अनुभव मिल सकता है। लेकिन साथ ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर चालान भी पहले से ज्यादा तेजी से कट सकते हैं। 

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