बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल कार मालिकों को राहत मिली है, जब दिल्ली के प्रदूषण स्तर की निगरानी करने वाले केंद्र के पैनल ने जीआरएपी चरण 3 उपायों को रद्द कर दिया। जिससे कुछ वाहनों पर प्रतिबंध हटा लिया गया।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद BS 3 (बीएस 3) पेट्रोल और BS 4 (बीएस 4) डीजल कार मालिक सोमवार, 6 जनवरी से दिल्ली में अपने वाहन निकाल सकेंगे। रविवार को, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज 3 उपायों को रद्द कर दिया। जो प्रदूषण को कम करने के लिए BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाता है। दिल्ली के प्रदूषण के स्तर की निगरानी करने वाले केंद्र के पैनल को शुक्रवार, 3 जनवरी को शहर में बढ़ते प्रदूषण के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के स्तर में बढ़ोतरी के बाद GRAP स्टेज 3 प्रतिबंधों को वापस लाने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
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- फोटो : एएनआई
5 जनवरी की शाम को, CAQM ने BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध हटाने के अपने फैसले का एलान किया। दिल्ली में AQI के 339 पॉइंट पर पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसे 'बहुत खराब' माना जाता है। GRAP चरणों के अनुसार, प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए दो सबसे चरम उपाय लागू किए जाते हैं। जिसमें डीजल से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों सहित प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाता है। हाल के हफ्तों में दिल्ली का AQI 'बहुत खराब' या उससे अधिक रहा है, जिसके कारण CAQM ने तीन महीनों में तीन बार ये सख्त उपाय लागू किए हैं।
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- फोटो : X/@dtptraffic
नए GRAP 3 मानदंडों के तहत, दिल्ली-एनसीआर में BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल वाहनों का चलना प्रतिबंधित है। हालांकि, ये प्रतिबंध विकलांग यात्रियों पर लागू नहीं होते हैं। इस चरण के दौरान सभी गैर-जरूरी BS 4 डीजल से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को भी राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर चलने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतिक्रिया योजना के GRAP चरण 2 में निजी BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल से चलने वाली कारों के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं है।
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दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने की योजना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में अगले पांच सालों में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने का वादा किया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के परिवहन नेटवर्क को विकसित करने और आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार इलेक्ट्रिक बसें, कार और स्कूटर लेकर आई, क्योंकि दिल्ली का 40 प्रतिशत प्रदूषण जीवाश्म ईंधन के कारण होता है। हम सीएनजी (वाहन) भी लेकर आए और हम 5 साल में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त कर देंगे।"
दिल्ली प्रदूषण: इन बातों को न करें नजरअंदाज
बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल कारों पर प्रतिबंध हटाने का मतलब यह नहीं है कि उत्सर्जन मानदंडों के अनुकूल सभी वाहनों को चलने की अनुमति दी जाएगी। 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन और 15 साल से पुरानी डीजल कारें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की जांच के दायरे में रहेंगी। उन्हें जब्त किया जा सकता है और मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि जांच से बचने के लिए, वाहन मालिकों को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र भी रखना चाहिए। जिसके न होने पर उन्हें 10,000 का जुर्माना देना पड़ सकता है।