दिल्ली और आसपास के इलाकों में यात्री राहत की सांस ले सकते हैं। ऐसा नहीं है कि वायु प्रदूषण पूरी तरह से खत्म हो गया है, बल्कि उन्हें अपनी पुरानी कारों को दिल्ली की सड़कों पर चलाने की राहत मिली है। वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर लगे करीब एक हफ्ते के प्रतिबंध के बाद सरकार ने आखिरकार सोमवार 14 नवंबर से पाबंदियां हटा ली हैं। हालांकि यह प्रतिबंध फिलहाल हटा लिया गया है, लेकिन यह तय करने के लिए सोमवार को एक और बैठक होगी कि प्रतिबंध जारी रहना चाहिए या नहीं। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में वीकेंड (हफ्ते के आखिर) में सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी खराब श्रेणी में है।
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Delhi Pollution
- फोटो : अमर उजाला
पिछले हफ्ते दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP, जीआरएपी) के तीसरे चरण के आधार पर इन वाहनों पर प्रतिबंध लागू किया था। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, "प्रतिबंध 13 नवंबर तक लागू थे और उन्हें अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। शहर में पिछले चार दिनों में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) स्थिर रहा है। क्या किया जाना चाहिए, इस पर चर्चा करने के लिए सोमवार को एक बैठक है।"
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Pollution
- फोटो : For Reference Only
प्रतिबंध हटने से पहले, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली में एंट्री करने से रोक दिया गया था, जबकि 1,200 से ज्यादा डीजल हल्के मोटर वाहनों को GRAP के तहत जब्त कर लिया गया था। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के अंतिम चरण के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को रद्द करने के बारे में केंद्र के वायु गुणवत्ता पैनल द्वारा नए निर्देशों पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
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Delhi Traffic Police Challan
- फोटो : Twitter
पाबंदियों के दौरान, दिल्ली पुलिस ने पिछले हफ्ते 5,800 से ज्यादा वाहन मालिकों को बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहन निकालने पर चालान काटे। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने पिछले सोमवार को एक आदेश जारी कर कहा था कि उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, और उन्हें 20,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। इस प्रतिबंध से छूट सिर्फ आपातकालीन सेवाओं या सरकार और चुनाव संबंधी कार्यों में लगे वाहनों को हासिल है।
दिल्ली आमतौर पर साल के इस समय के आसपास गंभीर प्रदूषण की चपेट में रहता है। पंजाब, हरियाणा में फसल (पराली) जलने के साथ-साथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण से राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई बढ़ जाता है, जो सर्दियों से ठीक पहले बड़े पैमाने पर होता है। हालांकि इस बार तेज हवाओं ने हवा को थोड़ा साफ करने में मदद की है। सप्ताहांत में, दिल्ली ने औसत AQI 303 दर्ज किया, जो शुक्रवार को 346 से थोड़ा सुधरा है। 201 से 300 के बीच दर्ज होने वाला कोई भी एक्यूआई खराब माना जाता है, जबकि 301 और 400 के बीच एक्यूआई को बहुत खराब माना जाता है।