फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi EV Policy: दिल्ली ईवी नीति मसौदा में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर 50% टैक्स छूट का प्रस्ताव, छिड़ी बहस

Sat, 11 Apr 2026 04:01 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जिस बात से घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं में नाराजगी पैदा हो सकती है, वह यह है कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 का मसौदा 30 लाख रुपये से कम कीमत वाले 'स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों' को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 50% की छूट देने का प्रस्ताव करता है।
विज्ञापन
1 of 5
Electric Vehicle Charger - फोटो : Freepik

दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2026 के ड्राफ्ट में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बड़ी राहत देने का प्रस्ताव है। इसके तहत 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से कम कीमत वाली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह फैसला घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए चिंता का कारण बन सकता है।

विज्ञापन

2 of 5
Electric Car - फोटो : Adobe Stock
ऑटो कंपनियों के बीच इस पर मतभेद क्यों हैं?
भारत के जापानी प्रभाव वाले ऑटो उद्योग मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और होंडा कार इंडिया ने स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर इंसेंटिव (प्रोत्साहन) देने की मांग की है।
वहीं घरेलू कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा इस छूट का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) को अपनाने की रफ्तार धीमी हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
Mahindra XEV 9e - फोटो : Mahindra

EV को क्या विशेष लाभ मिलेगा?
ड्राफ्ट नीति के अनुसार, दिल्ली (NCT) में पंजीकृत होने वाली 30 लाख रुपये या उससे कम कीमत की सभी इलेक्ट्रिक कारों को 100 प्रतिशत रोड टैक्स छूट मिलेगी। हालांकि, 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले ईवी को यह लाभ नहीं मिलेगा। इस वजह से महिंद्रा एंड महिंद्रा की कुछ प्रीमियम ‘बॉर्न-इलेक्ट्रिक’ XEV मॉडल्स इस छूट के दायरे से बाहर रह सकती हैं।

4 of 5
Electric Car Charging - फोटो : Freepik

भारत में EV और हाइब्रिड कारों की बिक्री कैसी है?
VAHAN डेटा के अनुसार, 2025-26 वित्त वर्ष में भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री साल-दर-साल 84 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2 लाख यूनिट्स हो गई। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों की बिक्री 35 प्रतिशत बढ़कर 1.12 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई।

टैक्स स्ट्रक्चर में क्या अंतर है?
इलेक्ट्रिक वाहनों पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है। जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों पर 18 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक जीएसटी लगता है, जो कि सामान्य पेट्रोल-डीजल वाहनों के समान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Electric Car Charging - फोटो : Freepik

कुल बाजार में EV और हाइब्रिड की हिस्सेदारी कितनी है?
2025-26 में कुल 47 लाख कारों की बिक्री में से 4.2 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन थे। यह वृद्धि पिछले वर्ष लॉन्च हुए नए ईवी मॉडल्स की वजह से हुई। देश में 40 से अधिक ईवी मॉडल उपलब्ध हैं। जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों की संख्या केवल आठ है।

हाइब्रिड सेगमेंट में किसका दबदबा है?
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर भारत के स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सेगमेंट में 80 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है। इसके प्रमुख मॉडल्स में अर्बन क्रूजर हाइराइडर SUV, इनोवा हाइक्रॉस MPV, कैमरी सेडान और प्रीमियम वेलफायर MPV शामिल हैं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें