चीन लिथियम, गैलियम और बैटरी कैथोड उत्पादन, ईवी बैटरी और सेमीकंडक्टर मैन्युफेक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स से संबंधित टेक्नोलॉजी पर नए निर्यात प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है।
चीन वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग के लिए महत्वपूर्ण खनिजों को निकालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रौद्योगिकियों पर नए निर्यात प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चल रही तकनीकी प्रतिद्वंद्विता में इजाफे का इशारा करता है। सीएनएन की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
प्रस्तावित उपाय, अगर मान लिए जाते हैं, तो लिथियम, गैलियम और बैटरी कैथोड उत्पादन से संबंधित टेक्नोलॉजी को लक्षित करेंगे। जो ईवी बैटरी और सेमीकंडक्टर मैन्युफेक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए एक नोटिस में इस प्रस्ताव का एलान किया । इसे उच्च तकनीक उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्रियों को नियंत्रित करने के चीन के चल रहे प्रयास के संभावित विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। ये कदम तब उठाए गए हैं जब चीन ने हाल ही में अमेरिकी सेमीकंडक्टर निर्यात प्रतिबंधों के प्रतिशोध में अमेरिका को गैलियम, जर्मेनियम और एंटीमनी जैसी प्रमुख सामग्रियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हम आपको एक सिद्धांत के रूप में यह बता सकते हैं कि चीन निष्पक्ष, उचित और गैर-भेदभावपूर्ण निर्यात नियंत्रण उपायों को लागू करता है।" यह नई रणनीति ईवी के लिए वैश्विक सप्लाई चेन में चीन की शक्ति को और मजबूत करेगी। जिससे उसे महत्वपूर्ण संसाधनों पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।
विज्ञापन
3 of 6
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, लिथियम एक्सट्रैक्शन टेक्नोलॉजी पर प्रतिबंध के बड़े नतीजे हो सकते हैं। क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले लिथियम की मांग तेजी से बढ़ रही है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च की एसोसिएट डायरेक्टर लिज ली ने सुझाव दिया कि इस कदम से बैटरी सप्लाई चेन में चीन की स्थिति मजबूत हो सकती है। जिससे पश्चिमी लिथियम उत्पादकों के लिए चीनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने बताया, "अगर प्रतिबंध या रोक लागू की गई तो इससे बैटरी इकोसिस्टम में चीन का प्रभुत्व काफी मजबूत हो जाएगा।"
4 of 6
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
चीन पहले से ही लिथियम बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जो वैश्विक आपूर्ति का 70 प्रतिशत से ज्यादा प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण) करता है। इस कदम का मकसद अपने बाजार हिस्से की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि इसकी अपनी बैटरी सप्लाई चेन की आपूर्ति अच्छी तरह से हो।
बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस में बैटरी कच्चे माल के प्रमुख एडम वेब ने कहा, "ये प्रस्तावित उपाय इस उच्च बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने और चीन की घरेलू बैटरी सप्लाई चेन के लिए लिथियम रासायनिक उत्पादन को सुरक्षित करने के लिए एक कदम होगा।"
विज्ञापन
5 of 6
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
ट्रंप प्रशासन के शपथग्रहण से पहले इस प्रस्ताव का समय ट्रेड वार (व्यापार युद्ध) में लाभ उठाने के लिए एक रणनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। ईवी और लिथियम-आयन बैटरी की वैश्विक मांग में उछाल आने की उम्मीद के साथ, इन महत्वपूर्ण सामग्रियों पर चीन का नियंत्रण और भी अधिक प्रभावशाली हो सकता है। यह कदम BYD और CATL जैसी चीनी कंपनियों की योजनाओं को भी जटिल बनाता है, जो अपनी वैश्विक पहुंच का विस्तार कर रही हैं।
प्रस्तावित निर्यात नियंत्रणों के साथ-साथ, चीन ने लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन जैसे रक्षा ठेकेदारों सहित 28 अमेरिकी कंपनियों को अपनी निर्यात नियंत्रण सूची में शामिल कर लिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ये कार्रवाइयां महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और सामग्रियों के व्यापार को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर रोशनी डालती हैं।
चूंकि चीन वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका का लाभ उठाना जारी रखे हुए है। इसलिए पश्चिमी देशों को भी इसका जवाब देने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच चल रहा व्यापार युद्ध ईवी टेक्नोलॉजी और वैश्विक उद्योगों के भविष्य को आकार दे रहा है।