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EPE: मेपल हाईवे ने भारत के पहले सोलर-पावर्ड एक्सप्रेसवे काअधिग्रहण किया पूरा, 6,267 करोड़ रुपये है इसका मूल्य

Fri, 11 Nov 2022 02:10 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Eastern Peripheral Expressway - फोटो : For Reference Only
वैश्विक निवेश समूह CDPQ (सीडीपीक्यू) द्वारा निर्मित एक डेडिकेटेड भारत सड़क निवेश मंच Maple Highways (मेपल हाईवे) ने शुक्रवार को एलान किया कि उसने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के चारों ओर बनाई गई है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को घेरता है, जो दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या और उत्सर्जन को कम करता है। यह 2022 में भारत के परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम के लिए सबसे बड़ा टोल रोड ट्रांजेक्शन है। प्रमुख घरेलू संस्थागत और पारिवारिक कार्यालयों ने सीडीपीक्यू के साथ सह-निवेश किया है, जो यह बताता है कि हाईवे बहुत मुनाफा देने वाले लॉन्ग-टर्म एसेट वर्ग हैं। 
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eastern peripheral expressway - फोटो : अमर उजाला
6,267 करोड़ रुपये मूल्य वाले, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) परियोजना की खरीद इस साल केंद्र सरकार के संपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में होने वाला सबसे बड़ा रोड ट्रांजेक्शन है। 135 किलोमीटर, 6-लेन एक्सप्रेस राजमार्ग 2018 से परिचालन में है और इसे दिल्ली में वाणिज्यिक यातायात से कम करने के लिए डिजाइन किया गया था, और यह एनसीआर के पूर्वी हिस्से में हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों सेो होकर जाता है। एक्सप्रेसवे के साथ सभी लाइटिंग और अन्य सुविधाएं पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) से चलते हैं। 
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एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही - फोटो : अमर उजाला
लोकप्रिय रूप से नेशनल एक्सप्रेसवे 2 के नाम से जाने जाने वाली, ईपीई भारत की पहली इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) सक्षम सड़क है। यह हर 500 मीटर पर ड्रिप इरिगेशन सिस्टम (ड्रिप सिंचाई प्रणाली) और रेनवाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर (वर्षा जल संचयन संरचनाओं) से सुसज्जित है। इसमें एक क्लोज्ड लूप टोलिंग सिस्टम है और इसका 99 प्रतिशत राजस्व इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग के जरिए जमा किया जाता है। इसके लिए इंटरऑपरेबल आरएफआईडी टैग का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे लाखों ड्राइवर FASTag के नाम में जानते हैं। 

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eastern peripheral expressway
सीडीपीक्यू के लिए, अधिग्रहण भारत में रणनीतिक रूप से स्थित, दीर्घकालिक राजस्व-सृजित सड़क परिसंपत्तियों के एक बड़े पोर्टफोलियो के निर्माण में एक बड़ा कदम है। इस साल की शुरुआत में, मेपल हाईवे ने श्री जगन्नाथ एक्सप्रेसवे का अधिग्रहण भी पूरा किया, जो भुवनेश्वर से पूर्वी भारत के ओडिशा में चंडीखोल तक 67 किलोमीटर की टोल रोड परियोजना है। 
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eastern peripheral expressway - फोटो : अमर उजाला
भारतीय राजमार्ग एक बड़े और बढ़ते बाजार के अवसर का प्रतिनिधित्व करते हैं, एक मजबूत पाइपलाइन के साथ जिसमें सरकार का चल रहा सड़क मुद्रीकरण कार्यक्रम, टीओटी, सार्वजनिक-निजी भागीदारी में तेजी लाने के उद्देश्य से टोल सड़कों का एक हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल, साथ ही बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल शामिल है। 
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eastern peripheral expressway - फोटो : अमर उजाला
भारत के पहले स्वतंत्र, समर्पित रोड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvIT)(इनविट) में से एक बनाने में, सीडीपीक्यू ने भारत में एक उभरता हुआ बुनियादी ढांचा परिसंपत्ति वर्ग में घरेलू पूंजी को अपने साथ लाने के लिए IIFL AMC (आईआईएफएल एएमसी) जैसे प्रमुख निवेशकों भी चुना है। साथ ही फैमिली केयर ग्रुप के टपरिया परिवार के पारिवारिक कार्यालय का भी ध्यान खींचा है।
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