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FASTag: फास्टैग से गलत कट रही टोल राशि? गलत टोल कटने पर एनएचएआई कर रहा सख्त कार्रवाई, जानें डिटेल्स

Mon, 03 Mar 2025 09:56 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) ने गलत FASTag (फास्टैग) कटौती के मामलों पर सख्त कदम उठाया है। अब तक करीब 250 मामलों में टोल ऑपरेटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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Toll Plaza - फोटो : PTI
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) ने गलत FASTag (फास्टैग) कटौती के मामलों पर सख्त कदम उठाया है। अब तक करीब 250 मामलों में टोल ऑपरेटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

कई बार फास्टैग यूजर्स को टोल कटने का मैसेज तब भी आता है, जब उनकी गाड़ी घर पर खड़ी होती है या उन्होंने टोल प्लाजा से यात्रा ही नहीं किया होता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह समस्या तब होती है जब टोल ऑपरेटर गलत तरीके से गाड़ी का नंबर डाल देते हैं या फास्टैग स्कैन न होने की स्थिति में मैन्युअल एंट्री करते हैं। कई बार लोग अपने पर्स में फास्टैग रखते हैं, जिससे गलती से कटौती हो जाती है।
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टोल प्लाजा - फोटो : संवाद
अब हर गलती पर 1 लाख रुपये का जुर्माना
एनएचएआई की टोल मैनेजमेंट संस्था IHMCL (आईएचएमसीएल) ने अब तय किया है कि हर गलत कटौती पर टोल ऑपरेटर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस सख्ती की वजह से ऐसे मामलों में 70 प्रतिशत तक की कमी आई है।

इस समय, आईएचएमसीएल को मासिक आधार पर लगभग 50 वैध शिकायतें मिलती हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर 30 करोड़ फास्टैग लेनदेन होते हैं।
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टोल प्लाजा - फोटो : संवाद
शिकायत कैसे करें?
IHMCL के अधिकारी ने बताया कि अगर आपके साथ गलत टोल कटौती हुई है, तो आप इसकी शिकायत आसानी से कर सकते हैं।
  • टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल करें।
  • ईमेल करें: falsededuction@ihmcl.com

उन्होंने बताया कि हर शिकायत की गहराई से जांच की जाती है और अगर गलती पाई जाती है तो ग्राहक को पूरा पैसा वापस कर दिया जाता है। साथ ही टोल ऑपरेटर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है।

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टोल प्लाजा। - फोटो : अमर उजाला।
FASTag कैसे काम करता है?
फास्टैग एक रिचार्जेबल, प्रीपेड टैग है जो RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक से चलता है। इसे गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है और जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरती है, यह अपने आप टोल राशि काट लेता है। जिसे यूजर फास्टैग एप्लिकेशन के जरिए नियंत्रित कर सकते हैं। 
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टोल प्लाजा - फोटो : संवाद
NHAI ने फास्टैग को सभी गाड़ियों के लिए अनिवार्य कर दिया है और यह भारत में टोल पेमेंट का सिस्टम पूरी तरह बदल चुका है। इससे लंबी कतारों से बचाव होता है, ईंधन की बचत होती है और कैश लेन-देन की जरूरत नहीं पड़ती। 
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