अगर आप भी इस होली नई कार या बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। वरना, बाद में आपको बड़ी आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है।
कई लोग नई कार-बाइक खरीदने के लिए त्योहारों के आने का सालभर इंतजार करते हैं। त्योहारों में गाड़ियों की खरीदारी चरम पर होती है। इस दौरान कंपनियां बंपर डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स देकर ग्राहकों को लुभाने की कोशिश करती हैं। लेकिन, इन छूट और ऑफर्स के नाम पर कई ग्राहकों से साथ धोखा भी हो जाता है। अक्सर लोग त्योहारों की खुशी में जल्दबाजी में गाड़ी खरीद लेते हैं और बाद में पछताते हैं। अगर आप भी इस होली नई कार या बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो शोरूम पहुंचने के बाद कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। वरना, बाद में आपको बड़ी आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है।
विज्ञापन
2 of 8
कार शोरूम
- फोटो : अमर उजाला
मैन्युफैक्चरिंग डेट
वाहन का मैन्युफैक्चरिंग डेट क्या है यानी वह कब बनी है यह जानना बेहद जरूरी है। त्योहारों के दौरान कई शोरूम अपने स्टॉक में पड़ी पुरानी कार या बाइक को निकालने लगते हैं। कई बार तो ग्राहकों को ऐसी गाड़ी बेच दी जाती है जो 2-3 साल से शोरूम के स्टॉकयार्ड में खड़ी रहती है. ऐसी गाड़ियों में कम समय में ही जंग लगने और पार्ट्स में खराबी की समस्या आने लगती है। इसलिए नया वाहन खरीदते समय जरूर चेक करें कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट लेटेस्ट हो या जिस जब आप खरीद रहे हो वह उससे ज्यादा पुरानी न हो।
विज्ञापन
3 of 8
Hyundai Car Showroom
- फोटो : Hyundai
प्री-बुकिंग में कीमत करें कन्फर्म
डीलर वाहन को खरीदने से पहले उसे बुक कराने के लिए कहते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपने जब गाड़ी बुक की है उस समय उसकी जो कीमत है वह डिलीवरी के समय पर ज्यादा नहीं होनी चाहिए। प्री-बुकिंग इसलिए कराई जाती है ताकि ग्राहक भविष्य में कीमत में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहे।
4 of 8
Car Showroom
- फोटो : Freepik
प्राइस ब्रेकअप
नई कार या बाइक लेते समय शोरूम से प्राइस ब्रेकअप मांगना न भूलें। प्राइस ब्रेकअप लिस्ट से पता चलता है कि गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत और आरटीओ शुल्क के अलावा उसपर किन-किन चीजों के लिए शुल्क जोड़ा गया है। इससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि गाड़ी की ऑन-रोड कीमत कितनी होगी।
विज्ञापन
5 of 8
Car Showroom
- फोटो : Freepik
पीडीआई जरूर करें
नई गाड़ी की प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन यानी PDI करना बेहद जरूरी है। कई बार गाड़ियां ट्रांसपोर्टेशन के दौरान डैमेज हो जाती हैं। इसलिए, डिलीवरी से पहले गाड़ी का अच्छी तरह इंस्पेक्शन करें। किसी भी तरह की स्क्रैच, डेंट या खराबी दिखने पर उसे तुरंत रिप्लेस करने की मांग करें।
विज्ञापन
6 of 8
Car Showroom
- फोटो : Freepik
दूसरे शोरूम में पता करें प्राइस
त्योहारों के दौरान अलग-अलग डीलरशिप पर अलग-अलग ऑफर्स मिलते हैं। हो सकता है कि वही मॉडल किसी और शोरूम में सस्ते दाम पर मिल जाए। इसलिए खरीदने से पहले कीमतों की तुलना करना फायदेमंद रहेगा।
विज्ञापन
7 of 8
Car Loan
- फोटो : Freepik
कम्पेयर करें EMI
अगर आप गाड़ी फाइनेंस करा रहे हैं, तो विभिन्न बैंकों से EMI की डिटेल लें और ब्याज दर की तुलना करें। सस्ती ब्याज दर वाला लोन लेने से EMI में हजारों रुपये की बचत हो सकती है।
टेस्ट राइड लेना न भूलें
नई गाड़ी खरीदने से पहले उसका टेस्ट ड्राइव जरूर लें। 3-5 किलोमीटर तक गाड़ी चलाकर देखें कि उसका इंजन, क्लच, ब्रेक और गियरबॉक्स सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।