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पेड़, झाड़ी, दीवार या खंबे के पीछे छिप पर Traffic Police का चालान काटना सही है या गलत?

Sat, 15 Feb 2020 11:56 AM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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traffic police jammu challan - फोटो : अमर उजाला
देश में जब पिछले साल मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट लागू हुआ था, तब ट्रैफिक नियमों का मजाक उड़ाने वालों के होश उड़ गए। इसके बाद ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से लोगों का दस गुना तक ज्यादा चालान काटा गया। ऐसे में पहले के मुकाबले अब Traffic Rules को लेकर गंभीर हुए हैं। इसके अलावा लोगों में अब Traffic Police का डर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, आज हम आपको एक ऐसी बात के बारे में बताने जा रहे हैं जहां ट्रैफिक पुलिस की तरफ से गलती की जाती है। यह गलती है पेड़, खंबे या झाड़ियों के पीछे घात लगा कर बैठना और अचानक से सामने आ कर लोगों का ट्रैफिक चालान काट देना। हालांकि, अब आप सोच रहे होंगे कि क्या ट्रैफिक पुलिस की यह रणनीति सही है या गलत? तो चलिए इसी सवाल का जवाब हम आपको आगे की स्लाइड्स में देते हैं। 
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Traffic police, meerut police, meerut news - फोटो : अमर उजाला

RTI में पूछा सवाल

दरअसल कुछ महीनों पहले दिल्ली हाईकोर्ट में वकील बिजेंद्र प्रताप कुमार ने एक RTI में पूछा कि क्या पेड़, झाड़ी, खंबे या फिर किसी दीवार के पीछे छिप कर चालान काटना सही है? उन्होंने यह भी पूछा कि ट्रैफिक पुलिस की यह रणनीति कहीं कोई नियम या आदेश का हिस्सा तो नहीं है? 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

अचानक पकड़ने के लिए छिपती है ट्रैफिक पुलिस

बिजेंद्र प्रताप कुमार के RTI में पूछे गए सवाल पर तत्कालीन ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) संदीप गोयल ने कहा, "ऐसी जानकारी मिली है कि जिस भी हवलदार या ट्रैफिक जोनल ऑफिसर को रेडलाइट पर तैनात किया जाता है, वह अपने आप को सड़क के किनारे किसी पेड़ या दूसरी चीजों के पीछे छुपा लेता है। ऐसा करने के पीछे उनका मकसद होता है कि वो नियम तोड़ने वाले लोगों को अचानक से पकड़ सकें।

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ट्रैफिस पुलिस वाहनों के चालान काटते हुए - फोटो : अमर उजाला

"गलत है छिप कर पड़ना"

RTI में संदीप गोयल ने कहा है कि यह एक तरह का एम्बुश प्रॉसिक्यूशन होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसे तुरंत खत्म कर दिया गया है। संदीप गोयल ने बताया कि अब से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर, जोन ऑफिसर और हवलदार को सड़क के सामने खड़ा होना होगा। ऐसे में लोग खुद ब खुद लालबत्ती या सिग्नल पर रुकेंगे। इसके अलावा अगर कोई नियमों को तोड़ता भी है, तो उसके गाड़ी का नंबर नोट करके उसे नोटिस भेजा जाएगा। 
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Traffic police, meerut police, meerut news - फोटो : अमर उजाला

"आतंकवादी या बदमाशों के लिए होता है एम्बुश प्रॉसिक्यूशन"

RTI कर्ता का कहना है कि एम्बुश प्रॉसिक्यूशन को बदमाशों या आतंकवादियों को पकड़ने के लिए किया जाता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल आम आदमी के खिलाफ करना गलता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एम्बुश प्रॉसिक्यूशन पुलिस की तरफ से चलाया जाने वाला सरप्राइज एक्शन होता है। इसमें पुलिस घात लगाकर कर बदमाशों या आतंकवादियों का इंतजार करती है और तुरंत एक्शन लेती है।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस

"नियम टूटने का इंतजार क्यों?"

RTI कर्ता का कहना है कि पुलिस का काम नियमों को टूटने से रोकना है न कि छिपकर नियमों के टूटने का इंतजार करना है। 
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