आज हम आपको कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुन कर आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल ऑन-लाइन इंटरनेट पर कई ऐसे गैंग हैं, जो फौजियों के नाम पर लोगों को चूना लगा रहे हैं। हाल ही में विकास सिंह बिष्ट नाम के एक व्यक्ति ने अपनी घटना बताई। उन्होंने TVS Jupiter स्कूटर को OLX पर पसंद किया था। इसके बाद उन्होंने गाड़ी के मालिक से बात की, जिसने उन्हें IGI एयरपोर्ट पर बुलाया। गाड़ी के मालिक ने उनसे फोन पर 2100 रुपये एडवांस देने को कहा, जिसके बाद विकास ने उन्हें वीडियो कॉल किया, लेकिन वाहन के मालिक ने फोन नहीं उठाया। उसने विकास से कहा कि वो ऑफिस में है इसलिए वीडियो पर बात नहीं कर सकता।
इस दौरान विकास एयरपोर्ट पहुंचे और काफी देर तक उस व्यक्ति का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने एक पेट्रोलिंग कर रहे CISF कर्मी से पूछा कि क्या वे संजय कुमार नाम के अधिकारी को जानते हैं? इस पर CISF कर्मी ने जो कहा उसे सुन कर विकास बिष्ट हैरान रह गए। CISF कर्मी ने उनसे कहा, "आप भी बेवकूफ बन गए? ये रोज का काम हो गया है। रोज यहां 100 लोग आते हैं"
कहानी यहां खत्म नहीं होती है बल्कि यहां से शुरू होती है, क्योंकि जिस संजय कुमार के बारे में हम बात कर रहे हैं उसने खुद को OLX पर सेना का अधिकारी बताया था। जी हां, ऐसे ही लोगों को चूना लगाया जा रहा है।
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facebook hack
फौजियों के नाम पर बन रहे फर्जी अकाउंट
दरअसल OLX और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फौजियों के नाम पर कई फर्जी अकाउंट बनाए गए हैं। इन अकाउंट पर किसी सेना के अधिकारी या कर्मी की तस्वीर लगाई जा रही है। इन तस्वीरों को ऑर्मी फैन पेज जैसे कई सोशल मीडिया अकाउंट से लिया जाता है। इसके अलावा इन अकाउंट पर फर्जी आईडी (जैसे आधार और पैन कार्ड) भी डाली जा रही है। इन अकाउंट को देखने पर लोगों को लगता है की सेना का कोई अधिकारी अपने पुराने वाहन को बेच रहा है।
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olx car
सस्ती गाड़ियों का झांसा
इन फर्जी अकाउंट पर लोगों को फंसाने के लिए वाहन को बहुत कम कीमत पर बेचा जाता है। इससे लोग कीमत देखकर इन बदमाशों के झांसे में फंस जाते हैं।
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इस तरह जीतते हैं विश्वास
सबसे पहले वाहन खरीदने वाले लोगों से ये धोखेबाज फोन पर बात करते हैं। कई बार ये वीडियो कॉल पर भी बात करते हैं। इसके बाद ये सेना की वर्दी में अपनी तस्वीरों को भेजते हैं। इसके अलावा ये किसी दूसरे व्यक्ति के साथ ली हुई तस्वीर भी शेयर करते हैं और उन्हें अपना वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं। लोगों को धोखा देने के लिए तो कई बार अपने ये अपने आदमी को भी भेजते हैं, जिससे लोगों को शक न हो।
विश्वास जीतने के बाद सबसे पहले ये बदमाश लोगों से 2100 से 3100 रुपये तक की टोकन मनी मांगते हैं। ये लेनदेन डिजिटल करेंसी के जरिए की जाती है। ये लोग वाहन की होम डिलीवरी या टोकन मनी के नाम पर पहले पैसा मांगते हैं। लोग फौजी के नाम पर विश्वास कर लेते हैं और पैसे का भुगतान कर देते हैं। इसके बाद ये धोखेबाज अपने नंबर को बंद कर देते हैं।
कई घटनाएं तो ऐसी हैं जहां इन बदमाशों ने लोगों को बेवकूफ बना कर पूरी कीमत तक वसूल कर ली है।
CISF ने फरवरी महीने में अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया था, जिसमें लोगों को ऐसे धोखेबाजों से सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून में CISF ने 21 बार अपने प्रोफाइल से यह ट्वीट किया।
यह जालसाजी देश के कई इलाकों में हो रही है। अलग-अलग नाम से अकाउंट बनाए जा रहे हैं और लोगों को धोखा दिया जा रहा है।