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सड़क हादसे में घर बैठे मिलेगा 5 लाख रुपये का मुआवजा, नहीं लगाने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर

Sun, 27 Sep 2020 09:36 AM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक - फोटो : Amar Ujala
मोदी सरकार जल्द एक अधिसूचना जारी करने जा रही है, जिसमें सड़क हादसे में मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा तीन महीने के अंदर मिलेगा। इसके लिए पीड़ित परिवार को अब अदालत का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इस अधिसूचना के तहत बीमा कंपनी पीड़ित परिवार को तीन महीने के अंदर घर पर जाकर पांच लाख रुपये का चेक देगी। दरअसल देश में हर साल 1.5 लाख लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती है। यानी एक औसत के मुताबिक हर दिन करीब 400 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गवा देते हैं। ऐसे में पीड़ित परिवार को होने वाली आर्थिक परेशानी से निजात देने के लिए सरकार यह अधिसूचना जारी करने वाली है।
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अधिसूचना में क्या है खास?

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सांकेतिक - फोटो : Social Media
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नवंबर सरकार अधिसूचना जारी कर सकती है, जिसमें उच्च वर्ग पीड़ित परिवार के लिए भी न्यूनतम मुआवजा राशि दी जाएगी। बता दें कि मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2020 में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में रोड एक्सीडेंट में मरने वाले व्यक्ति के परिवार को पांच लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कानून मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार नवंबर महीने के पहले सप्ताह में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस संबंधी अधिसूचना जारी कर सकती है।
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मौजूदा नियम में कहां है परेशानी?

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सांकेतिक - फोटो : PTI
मौजूदा समय में अगर निम्न या मध्यम वर्ग का एक व्यक्ति सड़क हादसे में अपनी जान गवा देता है, तो उसके परिवार को ज्यादातर मामले में 2.5 से 3 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। लेकिन इसके लिए पीड़ित परिवार को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) में सालों तक चक्कर काटना पड़ता है।

तुरंत मिलेगी मुआवजे की राशि

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सांकेतिक - फोटो : Unsplash
अधिसूचना जारी होने के बाद बीमा कंपनियों को तय समय के अंदर पीड़ित परिवार को मुआवजे की राशि देनी होगी।
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कोर्ट का विकल्प हो जाएगा खत्म

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सांकेतिक - फोटो : Unsplash
पीड़ित परिवार मुआवजा मिलने के बाद एसएसीटी के केस दाखिल नहीं कर सकेंगे। हालांकि, उच्च वर्ग के पीड़ित परिवार के सदस्य कोर्ट में केस दाखिल कर सकेंगे।
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