टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस खबर की पुष्टि की। मस्क ने यह भी बताया कि जनवरी के आखिर में बनी सभी मॉडल एस कारों की रेंज 402 मील (647 किलोमीटर) है। बता दें कि लेटेस्ट ईपीए-रेटेड ने बताया है कि MY19 Tesla Model S 100D की तुलना में नए मॉडल की कार में 20 फीसदी रेंज बढ़ गई है, जबकि इसमें वही बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है।
टेस्ला ने कहा, "यह महत्वपूर्ण उपलब्धि टेस्ला की दक्षता और ऊर्जा मितव्ययिता के जुनून को दर्शाती है, और टेस्ला इंजीनियरिंग, डिजाइन और प्रोडक्शन टीमों द्वारा कोर हार्डवेयर और सिस्टम आर्किटेक्चर विकास में कई बदलावों के माध्यम से हासिल की गई है।" इस साल की शुरुआत में जब हमने पहली बार फ्रेमॉन्ट कैलिफॉर्निया में अपने कारखाने में मॉडल S लॉन्ग रेंज प्लस का निर्माण शुरू किया, तब इन बदलावों के साथ उत्पादन किया।"
कंपनी ने बताया कि कई कारणों की वजह से ओवरऑल माइलेज रेटिंग में सुधार संभव हो पाया है। Tesla Model 3 और Model Y कारों से वजन कम करने की सीख का Model S ने निर्माण में उपयोग किया गया। इसके अलावा, कंपनी के इन-हाउस सीट निर्माण, हलके बैटरी पैक और एयरोडायनामिक खिंचाव को कम करने वाले चौड़े एयरो व्हील्स का मानकीकरण कुछ प्रमुख कारक हैं जिन्होंने Model S को पहले की तुलना में हलका बनाया और इसकी वजह में इस कार की रेंज बढ़ गई।
नए एयरो व्हील्स के अलावा, कार के रियर एसी इंडक्शन ड्राइव यूनिट में लुब्रिकेशन को बनाए रखने के लिए एक इलेक्ट्रिक ऑयल पंप दिया गया था ताकि घर्षण को कम किया जा सके, चाहे रफ्तार कितनी भी हो। इसके अलावा, कार के ट्रांसमिशन में किए गए सुधारों की वजह से हाईवे पर ड्राइविंग के दौरान 2 फीसदी ज्यादा रेंज मिलती है।
कंपनी ने एक नया ड्राइव फीचर, HOLD (होल्ड) भी पेश किया, जो मोटर के रीजनरेटिव ब्रेकिंग को भौतिक ब्रेक के साथ मिलाकर काम करता है। यह वाहन को एक्सीलेटर पेडल छोड़ देने से रोकने में मदद करता है। कम रफ्तार में यह रीजनरेटिव ब्रेकिंग फंक्शन बैटरी पैक में ज्यादा ऊर्जा लौटाता है।