भारत में पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों पर BS6 लागू होने के दौर और सरकार के प्रोत्साहन के बीच ऐसा लगता है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दौर तेजी से आ रहा है। हालांकि वाहन निर्माता कंपनियों ने पिछले 20 वर्षों के दौरान बीते साल 2019 में बिक्री के मामले में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। लेकिन ऐसे दौर में अमेरिका की Electric car (इलेक्ट्रिक कार) निर्माता कंपनी Tesla (टेस्ला) की बहुत तेजी से वृद्धि हो रही है। टेस्ला कंपनी के शेयरों में बुधवार को 5 फीसदी की उछाल दर्ज की गई। Tesla ने सिर्फ 11 वर्ष पहले इलेक्ट्रिक कार बनाने की शुरूआत की थी। आज Tesla ने 100 साल से ज्यादा पुरानी दुनिया की दो दिग्गज अमेरिकी कार कंपनियों General Motors और Ford Motor Company को पछाड़ दिया है।
Tesla ने साल 2008 में पहली Electric car कार बनाई थी। आलम यह है कि आज टेस्ला की मार्केट वैल्यू अमेरिका की कार निर्माता कंपनियां General Motors (जनरल मोटर्स) और Ford Motor Company (फोर्ड मोटर कंपनी) के संयुक्त मार्केट कैप से 200 करोड़ डॉलर ज्यादा हो गई है।
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Tesla Model X
Tesla की मौजूदा मार्केट वैल्यू इन दोनों कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप से ज्यादा हो गई है। अमेरिकी शेयर बाजार में टेस्ला का शेयर भाव बुधवार को 492.14 डॉलर प्रति शेयर और कंपनी का मार्केट कैप 8,900 करोड़ डॉलर (7.32 लाख करोड़ रुपये) था। कंपनी का मार्केट कैप फोर्ड और जनरल मोटर्स के सयुंक्त मार्केट कैप से 200 करोड़ डॉलर अधिक है। जनरल मोटर्स का मार्केट कैप 4,940 करोड़ डॉलर और फोर्ड का 3,660 करोड़ डॉलर है। यानी दोनों का मिलाकर 8,700 करोड़ डॉलर।
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टेस्ला के शेयर की कीमत पिछले 3 महीने में करीब दोगुना बढ़ी
कंपनी का तीसरी तिमाही का लाभ, चीन में एक नए कंपनी की प्रगति और चौथी तिमाही में गाड़ियों की अच्छी डिलीवरी ने स्टॉक को तेज ग्रोथ दी है। टेस्ला का शेयर 3 महीने में दोगुना बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि Tesla के सीईओ Elon Musk (एलन मस्क) ने टेस्ला को जिस तरह से आगे बढ़ाया है, उससे पूरी संभावना है कि वह दिग्गज कार कंपनियों को पीछे छोड़ देंगे। टेस्ला ने 2019 में 3,67,500 गाड़ियां बेचीं। अमेरिका में जनरल मोटर्स और फोर्ड की बिक्री 20-20 लाख गाड़ियों की रही।