पिछले कुछ सालों में कारों में आग लगने की घटनाओं में तेजी के साथ इजाफा हुआ है। ऐसी घटनाओं में हर साल सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। अगर आप हाईवे के किनारे या फिर नार्मल रास्ते पर ध्यान से देखें तो इक्की दुक्की कारों के जले हुए अवशेष आपको जरूर नजर आएंगे। आखिर अचानक कारों में आग लगने की घटनाएं क्यूं बढ़ गईं, इसका जिम्मेदार कौन है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि कारों में क्यूं लग जाती है आग। पिछले दिनों दिल्ली में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। हुआ यूं कि एक शख्स अपनी कार से घर पहुंचा और उसे रिसीव करने के लिए उसकी बीवी बाहर निकली लेकिन जैसे उसने गाड़ी को बैक करके पार्किंग में लगाने की कोशिश की गाड़ी में आग लग गई और वह शख्स उसी में जल गया। ये घटनाएं रोकी जा सकती हैं अगर कुछ बातों पर गौर फरमाया जाए।
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जलती कार
कैसी कारें हैं सबसे ज्यादा रिस्क पर
उन गाड़ियों में सबसे ज्यादा आग लगने की घटनाएं हो रही हैं जिनमें सीएनजी या फिर एलपीजी लगा हुआ है। सस्ते में कार चलाने के लिए बहुत से लोगों ने अपनी पुरानी गाड़ियों में सीएनजी फिट करवाया हुआ है। लेकिन आपको बता दें कि आग लगने की घटनाओं में इन कारों की संख्या ज्यादा है। दिल्ली-एनसीआर में ऑड ईवन पद्वति के दौरान बहुत से लोगों ने अपनी गाड़ियों में सीएनजी फिट करवाया था, भले ही यह प्रदूषण का स्तर नीचे लाने में सीएनजी कारगर साबित हो रही है लेकिन वास्तव में गाड़ियां एकदम सेफ नहीं हैं जिनमें कंपनी फिटेड सीएनजी नहीं लगी है। अगर आप सीएनजी कार चलाने के शौकीन हैं तो रेक्टोफिटेड के बजाए कंपनी फिटेड सीएनजी कारों को प्राथमिकता दें थोड़ा पैसा बचाने के लिए जिंदगी दांव पर न लगाएं।
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कार में न करें स्मोक
गाड़ी में स्मोक न करें
बहुत से लोग आपको सड़क पर ऐसे भी ड्राइव करते हुए नजर आएंगे जिनके एक हाथ में सिगरेट होती है तथा दूसरे हाथ से स्टीयरिंग संभालकर रखते हैं। अगर आप ऑटोमेटिक कार नहीं चला रहे हैं तो ड्राइविंग में आपके दोनों हाथ व्यस्त रहेंगे। ऐसे में अगर आपके हाथ में सिगरेट है और उसी हाथ से स्टीयरिंग संभाले हुए हैं और गलती से सिगरेट गिर गया तो कार के फ्लोर से तुरंत आग फैल सकती है क्योंकि गाड़ी के अंदर बहुत से ऐसी चीजें होती हैं जिनमें आग पकड़ने की संभावना ज्यादा होती है। कई बार लोगों को तब पता चलता है जब चिंगारी पूरी तरह से अंगारा बन चुकी होती है। इसलिए अगर स्मोक करना हो तो हमारी सलाह है गाड़ी साइड में सुरक्षित स्थान पर लगाएं बाहर निकलें स्मोक करें और फिर आगे बढ़ें।
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जलती सिगरेट सड़क पर न फेकें
जलती सिगरेट सड़क पर न फेंकें
अक्सर लोग स्मोक करने के बाद आधी जली हुई सिगरेट सड़क पर फेंक देते हैं जिसमें पूरी तरह से आग दिख रही होती है। ये सिगरेट पीछे चल रही गाड़ी को आग के लपेटे में ला सकती है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि गाड़ियों के पेट्रोल टैंक जरूरी नहीं है कि एकदम सही सलामत हों। कई बार पेट्रोल उसमें से रिसता रहता है ऐसे में सिगरेट काफी होता है आग फैलाने के लिए। अगर आप स्मोक करते हैं तो आपसे गुजारिश है कि सड़क पर जलती हुई सिगरेट न फेकें ऐसा करके आप किसी की जान बचा सकते हैं। हो सकता है सिगरेट किसी गाड़ी को बख्श भी दे पर सड़क के किनारे बनी किसी झुग्गी-झोपड़ी को भी अपने चपेट में ले सकती है।
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कार वायरिंग
कार की वायरिंग रखें दुरुस्त
कई बार आग की वजह वायरिंग भी बन जाती है। इसलिए समय-समय पर कार की वायरिंग को जरूर बदलवाएं या फिर उन्हें दुरुस्त रखें। अगर गाड़ी के अंदर कभी कोई जलने की बदबू आए तो उसे साइड में लगाकर चेक करें फिर आगे बढ़ें।
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एलपीजी सिलेंडर को कार में न रखें
सिलेंडर या फिर पेट्रोल को केबिन में न रखें
कभी भी ड्राइविंग के दौरान गाड़ी में पेट्रोल या फिर सिलेंडर जैसी ज्वलनशील वस्तुएं न रखें इससे आग फैलने का खतरा रहता है। तो अगली बार जब आप यात्रा पर निकलें तो इन बातों का ध्यान रखें आपकी गाड़ी में कभी आग नहीं लगेगी।
गाड़ी में हमेशा रखें हथौड़ी
कार में आग लगने पर कई बार सेंट्रल लॉक अपने आप जाम हो जाता है। ऐसे में अपनी कार में इमरजेंसी में शीशा तोड़ने के लिए एक हथौड़ी जरूर रखें जिससे आप किसी आपात स्थिति में खुद को व कार में बैठे लोगों को बचा सकें।
नोटः- गाड़ी में आग कभी अचानक नहीं फैलती, इसलिए थोड़ा धैर्य रखें और गाड़ी के रिएक्शन को मॉनीटर करते रहें। आजकल की गाड़ियों में तो बहुत से ऐसे सेफ्टी फीचर दिए गए हैं जिससे आप खतरे का अंदाजा लगा सकते हैं।