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अब बिना बैटरी के भी हो सकेगी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन, ऐसे सस्ती हो जाएंगी EV

Fri, 14 Aug 2020 03:13 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Tata Nexon EV ZConnect App - फोटो : For Refernce Only
अब आप प्री-फिटेड बैटरी के बिना भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीद सकते हैं और उसका रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्यों को इसकी अनुमति देने के लिए एक संदेश भेजा है। सरकार के इस कदम से वाहन मालिकों द्वारा किसी इलेक्ट्रिक वाहन को खरीदने के लिए होने वाले खर्च में कमी आएगी और ऐसे वाहनों के पंजीकरण के दौरान लगभग 40 फीसदी तक रोड टैक्स (सड़क कर) में बचत की जा सकेगी। 
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Electric Car - फोटो : Unsplash
हालांकि, ऐसे वाहनों को परीक्षण एजेंसियों की मंजूरी जरूरी रहेगी। यहां तक कि बैटरी जिन्हें बाद में स्थायी इस्तेमाल के लिए या स्वैपिंग मैकेनिज्म के तहत फिट किया जा सकता है, उनके लिए भी परीक्षण एजेंसियों से टाइप की मंजूरी लेनी होगी। 
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Electric Car - फोटो : Unsplash
मौजूदा समय में, बैटरी की लागत कुल वाहन लागत का लगभग 30-40 फीसदी है। बैटरी की लागत को कम करने की पहल के पीछे सड़क परिवहन मंत्रालय का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच को बढ़ावा देना है क्योंकि ऐसे वाहनों की ज्यादा कीमत की वजह से कम लोग इन्हें खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हैं। सरकार का यह कदम मानकीकृत बैटरियों के विनिर्माण और आपूर्ति का एक नया बिजनेस इकोसिस्टम (व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र) भी बनाएगा, जिससे लोग बैटरी को सस्ती कीमत पर खरीद या किराए पर ले सकते हैं। 

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Electric Car - फोटो : Unsplash
रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र का कहना है कि, "जब आप कोई डीजल या पेट्रोल वाहन खरीदने के लिए जाते हैं तो आप एक पेट्रोल पंप नहीं खरीदते लेते। इसी तरह, लोगों को इन-बिल्ट बैटरी खरीदने की जरूरत क्यों है, अगर ये बाजार में उपलब्ध हैं और जब लोगों के पास बैटरी स्वैप करने का विकल्प भी है?" 
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Electric car apps - फोटो : For Refernce Only
मंत्रालय ने कहा कि पंजीकरण के लिए बैटरी के मेक, प्रकार या किसी अन्य जानकारी को देने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि बैटरी, भले ही वो नियमित बैटरी है या स्वैपेबल, उन्हें केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के मुताबिक परीक्षण एजेंसियों द्वारा उनके टाइप का अप्रूव होना जरूरी है। 
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electric car battery - फोटो : For Refernce Only
उद्योग के सूत्रों का कहना है कि परिवहन मंत्रालय का यह कदम बैटरी स्वैपिंग उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर पैदा करेगा। एक सूत्र ने कहा, "अगर एक कार मालिक अपनी इलेक्ट्रिक कार के लिए 500 रुपये से 600 रुपये प्रति सप्ताह किराए पर पूरी तरह से चार्ज की गई स्टैंडर्डाइज्ड बैटरी हासिल कर सकता है, तो उसे पूरी बैटरी खरीदने की आवश्यकता ही नहीं है। बैटरी की लाइफ भी 3-4 साल होती है। वे अग्रिम निवेश से बच सकते हैं और इससे इलेक्ट्रिक कैब जैसा कारोबार भी आर्थिक रूप से व्यावहारिक हो जाएगा।" 
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