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55 साल पहले जब वीर अब्दुल हमीद की RCL माउंटेड जीप ने अमेरिका के उड़ा दिए थे होश

Thu, 10 Sep 2020 03:16 PM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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अब्दुल हमीद के शौर्य की कहानी - फोटो : Param Vir Chakra awardee Abdul Hamid
भारत के इतिहास में 10 सितंबर 1965 एक हीरो के बलिदान के लिए याद किया जाता है। वही, हीरो जिसने पाकिस्तानी फोज की एक बड़ी टुकड़ी को घुटने पर बैठा दिया। हीरो, जिसने अपनी जान की परवाह किए बगैर केवल एक जीप से पाकिस्तान के 7 खतरनाक टैंकों के परखच्चे उड़ा दिए थे। जी हां, सही पढ़ा आपने। एक नहीं सात टैंक, वो भी एक जीप से। हीरो, जिसके शौर्य और साहस ने पाकिस्तान की सेना में खलबली मचा दी थी और भारतीय सेना के मनोबल में जान फूंक दी थी। ये हीरो कोई और नहीं बल्कि, परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद मसऊदी (अब्दुल हमीद) हैं। ये अब्दुल हमीद के पराक्रम का ही नतीजा था, जिसके कारण भारतीय सेना ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को धूल चटा दिया था।
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ऑपरेशन जिब्राल्टर 

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पैटन टैंक को ध्वस्त करने के बाद जश्न मनाते भारतीय सैनिक - फोटो : u/Bernard_Woolley
साल 1965 की बात है। भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन जिब्राल्टर' की शुरुआत की। पाकिस्तान का मकसद भारत को दो मोर्चों पर घेर कर हमला करना था। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ करानी शुरू की। पाकिस्तान ने भारत को दूसरे मोर्चों पर घेरना शुरू कर दिया था, लेकिन तभी भारत को खुफिया जानकारी मिली कि पाकिस्तान कश्मीर पर कब्जा करना चाहता है। भारत को पता चला कि पाकिस्तान ने हमले के लिए अपने 30 हजार जवानों को गुरिल्ला वार की ट्रेनिंग दी है। 
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जंग के मैदान में पाकिस्तान ने उतारे पैटन टैंक

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अब्दुल हामीद की जीप और पाकिस्तान की पैटन टैंक - फोटो : Social Media
8 सितंबर 1965 को पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था। पाकिस्तानी सेना ने खेमकरण सेक्टर के उसल उताड़ गांव पर हमला कर दिया। इस जंग के लिए पाकिस्तान ने कितनी तैयारी की थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने भारत के खिलाफ अमेरिकन पैटन टैंकों को उतारा था। उस दौर में इन टैंकों को अपराजेय माना जाता था। पाकिस्तान के इस भीषण हमले का जवाब भारतीय जवान केवल थ्री नॉट थ्री रायफल और एलएमजी के साथ गन माउनटेड जीप से दे रहे थे।

गन माउनटेड आरसीएल जीप से तबाह कर डाले 7 पाकिस्तानी टैंक

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अब्दुल हामीद की जीप और पाकिस्तान की पैटन टैंक - फोटो : Social Media
बताते हैं कि 8 सितंबर 1965 की सुबह अब्दुल हमीद की जीप चीमा गांव के बाहर गन्ने के खेतों से गुजर रही थी। अब्दुल हमीद जीप में ड्राइवर के बगल में बैठे थे। इस दौरान उन्हें दूर से आती टैंकों की आवाज सुनाई दी। कुछ देर बाद उन्हें टैंक भी दिखाई देने लगे। वीर अब्दुल हमीद को मामले की गंभीरता समझने में देरी नहीं लगी और उन्होंने तुरंत अपनी पोजिशन लेनी शुरू की। उन्होंने अपनी रिकॉयलेस गन को टैंकों की तरफ सेट कर दिया। अब बस इंतजार था गन की रेंज में टैंकों के आने का। कुछ देर बाद जैसे ही पाकिस्तानी टैंक रेंज में आईं वैसे ही वीर अब्दुल हमीद की गन माउनटेड आरसीएल जीप ने आग उगलना शुरू कर दिया और देखते ही देखते पाकिस्तान के सात टैंकों के परखच्चे उड़ गए। वीर अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान की आर्टिलरी को धवस्त कर दिया था।
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घायल होकर भी लड़ते रहे अब्दुल हमीद

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वीर अब्दुल हामीद की प्रतीमा - फोटो : Social Media
अब्दुल हमीद को गन्ने के खेत में पोजिशन लेने का शुरुआती फायदा तो हुआ, लेकिन यह केवल कुछ समय तक के लिए ही था। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से अब्दुल हमीद की गाड़ी पर जबरदस्त हमला शुरू हुआ। इस हमले में उनकी जीप पर सवार ड्राइवर की शहादत हो गई। लेकिन हमीद ने हिम्मत नहीं हारी। वे लगातार पाकिस्तानी फौजियों से लड़ते रहे और अपनी पोजीशन बदलते रहे। हमले से घायल अब्दुल हमीद लगातार लड़ने के कारण थकने लगे थे। लेकिन उन्होंने लड़ाई जारी रखी। इस बीच पाकिस्तानी टैंकों ने उनकी तरफ निशाना साधा और एक हमले में वीर अब्दुल हमीद की जीप के भी परखच्चे उड़ गए।
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अमेरिका भी हो गया था हैरान

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अब्दुल हामीद की RCL Jeep के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Social Media
वीर अब्दुल हमीद की गन माउनटेड जीप ने पाकिस्तान की पैटन टैंकों को तबाह कर डाला, यह एक ऐसी घटना थी जिसने पूरी दुनियाभर को हिला कर रख दिया था। यह घटना किसी अजूबे से कम नहीं थी। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिका ने पाकिस्तान के पैटन टैंकों की दोबारा समीक्षा की थी। 
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परमवीर च्रक से शहादत को सलाम

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परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद मसऊदी - फोटो : Social Media
अब्दुल हमीद 4 ग्रेनेडियर के सिपाही थे। 1965 की जंग में वीर अब्दुल हमीद ने अपने प्राणों की आहुती दे दी। उनके इस अदम्य साहस और वीरता के लिए उन्हें 16 सितंबर 1965 को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र दिया गया।  
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