भारत के इतिहास में 10 सितंबर 1965 एक हीरो के बलिदान के लिए याद किया जाता है। वही, हीरो जिसने पाकिस्तानी फोज की एक बड़ी टुकड़ी को घुटने पर बैठा दिया। हीरो, जिसने अपनी जान की परवाह किए बगैर केवल एक जीप से पाकिस्तान के 7 खतरनाक टैंकों के परखच्चे उड़ा दिए थे। जी हां, सही पढ़ा आपने। एक नहीं सात टैंक, वो भी एक जीप से। हीरो, जिसके शौर्य और साहस ने पाकिस्तान की सेना में खलबली मचा दी थी और भारतीय सेना के मनोबल में जान फूंक दी थी। ये हीरो कोई और नहीं बल्कि, परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद मसऊदी (अब्दुल हमीद) हैं। ये अब्दुल हमीद के पराक्रम का ही नतीजा था, जिसके कारण भारतीय सेना ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को धूल चटा दिया था।