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अब गाड़ी पर लगे FASTag से खरीद सकेंगे पेट्रोल-डीजल, पार्किंग का भी कर सकेंगे भुगतान

Wed, 13 Nov 2019 12:26 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सरकार ने वाहन चालकों के लिए एक अच्छी खबर दी है। अब पार्किंग, पेट्रोल या डीजल खरीदने के लिए आपको कैश, डेबिट या क्रेडिट कार्ड नहीं निकालना पड़ेगा। बल्कि आपकी गाड़ी पर लगा Fastag ही यह काम करेगा। सरकार की कोशिश है कि ‘वन नेशन वन फास्टैग’ योजना के तहत फास्टैग का इस्तेमाल देश की सभी हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर किया जा सकेगा।

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आरबीआई ने नोटिफिकेशन जारी किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने फास्टैग के जरिये पार्किंग और पेट्रोल-डीजल की खरीदारी का भुगतान करने को मंजूरी दे दी है। साथ ही आरबीआई ने इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया है। नोटिफिकेशऩ के मुताबिक सभी कार्ड्स, यूपीआई, नॉन बैंकिंग प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट को नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीसी) से जोड़ा जाएगा। IDFC बैंक देश का पहला ऐसा संस्थान है, जिसे आरबीआई से पेट्रोल पंप पर फास्टैग के जरिए तेल भरवाने की मंजूरी मिली है।

एक दिसंबर से अनिवार्य

फास्टैग का संचालन नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से किया जाता है। फास्टैग असल में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग (RFID) है, जिसे गाड़ी के सामने वाले शीशे पर लगाते हैं। सरकार एक दिसबंर से सभी गाड़ियों के लिए फास्टैग अनिवार्य कर चुकी है। अब जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आ जाती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के संपर्क में आ जाता है और आपके फास्टैक अकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क काट देता है और आप बिना वहां रूके अपना प्लाजा टैक्स चुका देते हैं।

आपकी गाड़ी में लगा ये फास्टैग, आपके प्रीपेड खाते के एक्टिवेट होते ही अपना काम शुरू कर देगा। इसके अलावा जब आपके फास्टैग अकांउट में पैसे खत्म हो जायेंगे, तो आपको उसे फिर से रिचार्ज करवाना पड़ेगा।
 

पांच साल की वैधता

फास्टैग वाली कार जैसे ही किसी टोल प्लाजा को पार करेगी, तो फास्टैग अकाउंट से आपके पैसे कटते ही आपके  मोबाइल फोन पर एक SMS आ जायेगा, इस SMS के जरिये आपको पता चल सकेगा कि आपके फास्टैग अकाउंट से कितन पैसे कटे हैं। फास्टैग की वैधता सिर्फ पांच साल के लिए होगी उसके बाद आपको फिर आपको एक नया फास्टैग अपनी गाड़ी पर लगवाना होगा। जिसके बाद टोल प्लाजा पर मैनुअल की बजाय ऑटोमैटिक तरीके से भुगतान किया जा सकेगा। सरकार पहले ही दिल्ली में ऐसा प्रयोग कर चुकी है, जहां सभी व्यवसायिक वाहनों को फास्टैग लगाना जरूरी है।
 

राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 527 टोल प्लाजा

फिलहाल देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 527 टोल प्लाजा हैं, जिनमें से 380 टोल प्जाला के सभी लेन फास्टैग से लैस हो गए हैं। बाकी लेनों को भी फास्टैग से लैस कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम या फास्टैग स्कीम भारत में सबसे पहले साल 2014 में शुरू की गई थी। जिसे धीरे-धीरे पूरे देश के टोल प्लाजा पर लागू किया जा रहा है। फास्टैग सिस्टम की मदद से आपको टोल प्लाजा में टोल टैक्स देने के दौरान होने वाली परेशानियों से निजात मिल सकेगी।
 

फास्टैग (FASTag)के फायदे

  • समय की बचत तो होगी ही साथ ही फ्यूल की भी बचत होगी। फास्टैग एक पारदर्शी व्यवस्था है जिससे टोल प्लाजा पर जाम नहीं लगेगा और यह भी पता चल जाएगा कि किस वाहन में कौन बैठा है।
  • इससे गृह मंत्रालय को भी अपराध नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और पुलिस आसानी से अराजक तत्वों तक पहुंच सकेगी। यही नहीं, अब तो फास्टैग को जीएसटी नेटवर्क से भी जोड़ दिया गया है। यह आपके आधार कि तरह काम करेगा क्योंकि इसमें आपकी और आपके वाहन की पूरी जानकारी जुड़ी होगी।
  • इतना ही नहीं सब लेन फास्टैग वाले हो जाएंगे तो सिर्फ एक ही लेन पर नकदी स्वीकार की जाएगी ई-वे बिल प्रणाली को फास्टैग से जोड़ने पर राजस्व अधिकारियों को वाहन के आवाजाही के बारे में आसानी से पता लग सकेगा। फास्टैग इस्तेमाल करने पर कैशबैक का भी फायदा आपको मिल सकता है। 
 
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कहां से खरीदें

  • फिलहाल 22 बैंकों के पास फास्टैग इशू करने की सुविधा है, जिनमें आईसीआईसीआई, एसबीआई और पेटीएम बैंक शामिल है।
  • देश में 450 टोल प्लाजा पर फास्टैग की सुविधा उपलब्ध है।
  • ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के जरिये भी फास्टैग खरीदे जा सकते हैं।                 
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