भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने घोषणा की है कि कंपनी पिछले सप्ताह अपने मानेसर प्लांट में काम फिर से शुरू करने के बाद आज (18 मई) से अपने गुरुग्राम प्लांट में उत्पादन फिर से शुरू कर रही है।
मारुति ने गुरुग्राम संयंत्र में 22 मार्च से उत्पादन बंद कर दिया था, जब लॉकडाउन का पहला चरण लागू किया गया था। कोरोना वायरस महामारी के कारण यह प्लांट पिछले 57 दिनों से बंद था।
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मारुति सुजुकी ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह संयंत्र में उत्पादन कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों के लिए सभी सरकारी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करेगी।
मारुति सुजुकी ने Covid-19 के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग, स्वच्छता और कर्मचारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के साथ फिर से कार्य शुरू करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है।
मारुति सुजुकी के गुरुग्राम प्लांट में S-Cross (एस-क्रॉस), Vitara Brezza (विटारा ब्रेजा), Ignis (इग्निस) और अन्य हल्के वाणिज्यिक वाहनों जैसे मॉडल का उत्पादन किया जाता है।
वहीं, मानेसर प्लांट में Alto (ऑल्टो), Swift (स्विफ्ट), Dzire (डिजायर), S-Presso (एस-प्रेसो), Ertiga (अर्टिगा) और Baleno (बलेनो) जैसे मॉडल तैयार किए जाते हैं।
22 अप्रैल को, हरियाणा सरकार ने मारुति सुजुकी को अपने मानेसर प्लांट को फिर से शुरू करने की अनुमति दी थी, लेकिन कंपनी ने कहा था कि यह केवल तभी परिचालन शुरू करेगी जब वह निरंतर उत्पादन बनाए रख सके और वाहन बेच सके।
गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मारुति सुजुकी को सिर्फ एक शिफ्ट में कार करने के आधार पर प्लांट चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके साथ यह भी तय कर दिया था कि प्लांट में 4,696 कर्मचारियों ही काम करें।
लॉकडाउन में लागू प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद मारुति के डीलरों में से अभी तक लगभग एक तिहाई ने ही कारोबार शुरू किया है। मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने कहा, "अभी तक हमारे एक-तिहाई डीलर्स ने शोरूम खोले हैं, जिनमें से 60 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में हैं और धीरे-धीरे हम बाकी 2,000 डीलरों के शोरूम खुलने की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा।"
पिछले हफ्ते, मारुति सुजुकी ने घोषणा की थी कि मार्च के तीसरे सप्ताह से देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने की वजह से देश में वाहनों की मांग में गिरावट आई और इस कारण मार्च-तिमाही के मुनाफे में 28 फीसदी की कमी आई है।
भार्गव ने यह भी कहा कि आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने से संबंधित चुनौतियां बनी हुई हैं क्योंकि कई कंपोनेंट निर्माताओं के प्लांट नियोजन क्षेत्रों (कंटेनमेंट जोन) में हैं। हालांकि उन्होंने आशा जताई कि त्यौहारी सीजन के दौरान चीजें ठीक हो जाएंगी। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि आने वाले महीनों में आपूर्ति श्रृंखला में धीरे-धीरे सुधार होगा। डिस्काउंट का मुद्दा बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।" "नए मॉडल पहले के तयशुाद प्रोग्राम के तहत पेश किए जाएंगे। यह अचानक से नहीं हो सकता।"
भारत में कई अन्य कार निर्माताओं जैसे Hyundai (ह्यूंदै), Toyota (टोयोटा), Renault (रेनो) और Nissan (निसान) ने भी पिछले कुछ दिनों के दौरान काम फिर से शुरू करने की घोषणा की है।