नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम के तहत जुलाई महीने में FASTag के ट्रांजेक्शन की संख्या 8.6 करोड़ को पार कर गई है। इसकी तुलना अगर पिछले दो महीनों से की जाए तो FASTag ट्रांजेक्शन की संख्या में 54 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है। NPCI ने बताया कि जुलाई 2020 में 8.62 करोड़ फास्टैग ट्रांजेक्शन से 1623.30 करोड़ का लेन-देन हुआ। जबकि जून 2020 में 8.19 करोड़ ट्रांजेक्शन से 1511.93 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। खास बात यह है कि जहां कोरोना काल में हर जगह गिरावट देखी जा रही है वहीं, FASTag ट्रांजेक्शन में तेज उछाल देखा गया।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोविड-19 के कारण लोग कॉन्टैक्ट लेस ट्रांजेक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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FASTag Toll Tax
टोल प्लाजा के लिए शुरू हुई थी सुविधा
फास्टैग की सुविधा को सबसे पहले टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए लाया गया था। दरअसल पहले टोल टैक्स के लिए टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगती थीं। इससे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता था और इस दौरान ईंधन की खपत भी होती थी। इसके कारण सरकार ने फास्टैग की सुविधा शुरू की, जिससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में भारी कमी आई। बता दें कि मौजूदा समय में देश के 695 टोल प्लाजा पर यह सेवा उपलब्ध है।
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Parking
- फोटो : Unsplash
हैदराबाद एयरपोर्ट पर लोगों का मिला साथ
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स टोल कलेक्शन मौजूदा समय में हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लागू है, जहां फास्टैग की सेवा को लोगों की तरफ से अच्छी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इसी कड़ी में अब देश के अन्य बड़े शहरों में भी इस सेवा को लागू किया जा रहा है।
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Fastag RFID CHIP
- फोटो : AmarUjala
इन शहरों में शुरू होगी सुविधा
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया अब फास्टैग की सेवा को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरू जैसे बड़े शहरों में मॉल, एयरपोर्ट और प्राइवेट पार्किंग में भी शुरू करने जा रही है। इससे कांटैक्टलेस पार्किंग संभव होगी।
फास्टैग, गाड़ी के विंडशील्ड पर लगाया गया एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन डिवाइस है, जिससे टोल प्लाजा पर ड्राइवर को अपनी गाड़ी को रोकना नहीं पड़ता है। रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी (RFID) से लैस, डिवाइस का इस्तेमाल टोल शुल्क लेने के लिए सीधे प्रीपेड वॉलेट या उससे जुड़े बैंक खाते से किया जाता है।