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देखें कैसे बदला 200 सालों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इतिहास

Tue, 15 Jan 2019 05:33 PM IST
shubham ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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History of electric cars
जहां आज सभी वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रूख कर रही हैं बता दें, आज से करीब 100 साल पहले ही अमेरिका में एक तिहाई इलेक्ट्रिक गाड़ियां हुआ करती थी। वहीं एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक आप से करीब 20 साल बाद यानी 2040 में फिर से वह दौर आएगा। जब आधे से ज्यादा कारें इलेक्ट्रिक होंगी। 1900 के दौर में मौजूद गाड़ियों के विलुत्प होने के पीछे वजह उस समय के गैसोलिन मॉडल्स थे। आइए डालते हैं एक नजर लुप्त हो चुकी कारों के इतिहास पर । 
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1800-1900 के बीच

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1800s Electric car
1800-1900 के बीच
इस समय में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कई प्रयोग किए गए। रॉबर्ट ऐंडरसन को 1832 में ब्रिटेन की पहली इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने का श्रेय जाता है। साल 1899 में बेल्जियाई के रेस कार ड्राइवर केमिले जेनट्ज़ी ने खुद की बनाई एक इलेक्ट्रिक कार को 100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की स्पीड पर दौड़ाया था। वहीं 13 सितंबर 1899 में सबसे पहले इलेक्ट्रिक टैक्सी बनाई गई थी। 
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1900-1910 के बीच

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P1 Electric car
1900-1910 के बीच
इन दिनों वाहन निर्माता कंपनियों ने महिला ग्राहकों को लुभाने के लिए कुछ इलेक्ट्रिक कारें बनानी शुरू की। जिनमें फैंसी अपहोल्स्ट्री, फ्लावर वेस, घड़ी और यहां तक की मेकअप किट की भी सुविधा दी जाने लगी। इनको बनाते हुए कंपनियो ने दावा किया कि गैसोलिन मॉडल्स की तुलना में ये इलेक्ट्रिक गाड़ियां ज्यादा शांत हैं। इसी बीच फर्डिनांड पॉर्श ने अपनी पहली कार इलेक्ट्रिक कार P1 को बनाया था। 

1920 से 1960 के बीच

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Electric car Henney Kilowatts
1920 से 1960 के बीच
इन दिनों फोर्ड के मॉडल T और गैसोलिन से चलने वाले वाहनों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड घटी। सन् 1959 में नेशनल इलेक्ट्रिक कॉर्प ने 100 रेनॉ Dauphines में कुछ बदलाव कर इन्हे बैटरी से चलने योग्या बनाया। जिसे Henney Kilowatts नाम दिया गया था।
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1970 से 1980 के बीच

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Citi Car
1970 से 1980 के बीच
सन् 1971 और 1972 में बैटरी की पावर पर जोर दिया गया। गैसोलिन की बढ़ती कीमत के कारण यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी अन्य ईंधन विकल्पो की तरफ रुख करने के लिए मजबूर हो गई ।
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1990-2000 के बीच

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Electric car Toyota prius

1990-2000 के बीच
उत्सर्जनो नियमों में सख्ताई के कारण वाहन निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने के लिए मजबूर हुई। सन् 1997 में जनरल मोटर्स ने EV1 पेश किया। जो एक  टू-सीटर कार थी। इसी दशक में टोयोटा की Prius और होंडा की इनसाइट हाईब्रिड कारों का भी प्रोडक्शन किया गया। निसान ने भी इसी बीच अपनी लीथियम-आयन बैटरी से चलने वाली Altra EV मिनिवैन को पेश किया।

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2000-2010 के बीच

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Tesla electric car Roadster
2000-2010 के बीच
2000 आते आते जनरल मोटर्स की कई EV1 गाड़ियां खराब हो गई। तभी मार्क टार्पेनिंग और मार्टिन एबरहार्ड ने सहयोग से टेस्ला मोटर्स बनाई। आज टेस्ला के को-फाउंडर पद पर काबिज उस समय PayPal के को-फाउंडर थे। एलन मस्क ने उस समय 7.5 मिलियन डॉलर का निवेश कर 2004 में इसके चेयरमैन बन गए। बता दें, टेस्ला ने साल 2008 में सबसे पहले Roadster इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार लांच की थी। 

2010 में  

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Nissan LEAF
2010 में  
साल 2010 में निसान लीफ सामने आई और दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार बन गई । वहीं टेस्ला ने भी कई मॉडल्स उतारे। 
 
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भविष्य 

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Audi e-Tron
भविष्य 
एक अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के मुताबिक साल 2021 में 230 से ज्यादा वाहन बैटरियों से चलने वाले होंगे।जिसमें ऑडी की e-tron और जगुआर की I-Pace जैसी एसयूवी शामिल हैं। वहीं 2024 तक यूएस इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1 मिलियन का आंकड़ा भी पार कर लेगी।
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