सांकेतिक
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सस्ती कीमत पर हो रही बिक्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक शोरूम में पड़ी इन गाड़ियों पर ग्राहकों को भारी डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। दरअसल जब कोई ग्राहक शोरूम में पहुंच रहा है, तो उसे इन वाहनों पर दिए जा रहे ऑफर के बारे में बताया जा रहा है। कई जगहों पर तो खरीदी गई कीमतों से भी कम दाम पर गाड़ियों की बिक्री हो रही है।
कानून के हिसाब से गलत या सही?
कानून के कई जानकारों का कहना है कि डीलरों का यह जुगाड़ कानूनी रूप से गलत नहीं है। उनका कहना है कि 31 मार्च तक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, लेकिन उससे पहले ही डीलरों ने आरटीओ ऑफिस में वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। ऐसे में यहां कहीं भी कानून को तोड़ा नहीं गया है। कानून के जानकारों के मुताबिक जब डीलर किसी भी व्यक्ति को गाड़ी बेचता है तो गाड़ी केवल ट्रांसफर होती है। इस दौरान रजिस्ट्रेन पुराना वाला ही जारी रहता है।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जिन डीलरों ने अपने स्टाफ या रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया है, उनका पता लगा पाना बहुत मुश्किल है।