नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के तहत ई-वाहन खरीदने के सात दिन के अंदर उस पर मिलने वाली सब्सिडी आपके खाते में आ जाएगी। यह सब्सिडी कैशलेस नहीं बल्कि भुगतान के बाद आएगी। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण जल्द बिल्कुल मुफ्त होगा। सरकार इसके लिए जल्द अधिसूचना जारी करने जा रही है।
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दिल्ली संवाद और विकास आयोग के उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह के मुताबिक हमने ई-वाहन नीति को लागू कराने पर काम शुरू कर दिया है। हमारी प्राथमिकता है कि वाहन खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी कम से कम समय में खरीदार तक पहुंचाना। परिवहन विभाग को जल्द से जल्द वाहन पंजीकरण और सब्सिडी को लेकर अधिसूचना जारी करने को कहा गया है। उम्मीद है कि दस दिनों में यह वाहनों में यह काम पूरा हो जाएगा।
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दिल्ली में सस्ती होगी ईवी
दिल्ली में नई वाहन नीति के बाद ई-वाहन का पंजीकरण शुल्क, रोड टैक्स नहीं लगेगा। सरकार इस लक्ष्य पर काम कर रही है कि 2024 तक दिल्ली में कुल पंजीकृत होने वाले 25 फीसदी ई-वाहनों की भागीदारी हो।
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पहले देना होगा पैसा बादमें सब्सिडी आएगी
सब्सिडी की स्कीम कैशलेस नहीं होगी। वाहन खरीदने वाले को पूरी रकम डीलर को देनी होगी। वाहन पंजीकृत होने के सात दिन बाद सब्सिडी की रकम खाते में आ जाएगी।
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केंद्र से अलग होगी सब्सिडी
दिल्ली सरकार की ई-वाहन सब्सिडी केंद्र की सब्सिडी से अलग होगी। दिल्ली सरकार की ई-वाहन पॉलिसी में इसकी व्यवस्था की जाएगी। यह सब्सिडी केंद्र सरकार के फेम स्कीम दो से अलग होगी। अगर कोई पुराने वाहन को स्क्रैप करके ई-वाहन खरीदता है तो स्क्रैप इंसेंटिव दिया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने पहले स्टेशन का उद्घाटन करते हुए (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला (प्रतीकात्मक तस्वीर)
200 ई-चार्जिंग स्टेशन
ई-वाहन नीति लाने के साथ सबसे बड़ी चुनौती ई-चार्जिंग स्टेशन खोलने को लेकर है। सरकार का कहना है कि तीन महीने में इसका काम जमीन पर दिखने लगेगा। बिजली कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है। एक साल में 200 चार्जिंग स्टेशन खोलने की योजना पर काम की जा रही है।