दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए हाल ही में सरकार ने राजधानी में 1 अप्रैल 2018 से बीएस-6 नॉर्म्स वाले फ्यूल को उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसका आपकी कार और बाइक पर क्या असर होगा? क्या सच में इससे प्रदूषण पर रोक लगेगी और बीएस-6 स्तर के फ्यूल को बीएस-4 वाले इंजन में डालने पर क्या होगा? ये सब वो सवाल हैं जो आप सभी के मन में उठ रहे होंगे। यहां हम उन्हीं के जवाब आपको देंगे
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Fuel
बीएस-6 नॉर्म्स का फ्यूल जाहिर तौर पर प्रदूषण पर थोड़ी रोक लगाएगा, क्योंकि यह ईंधन काफी हद तक कार्बन मोनोऑक्साइड को रोकेगा। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग के लिए सिर्फ गाड़ियां जिम्मेदार नहीं है। आईए जानते हैं दुपहिया वाहनों पर इसका असर-
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Bikes with Best Mileage
दोपहिया वाहनों पर असर-
देश में फिलहाल सबसे ज्यादा संख्या बीएस-3 उत्सजर्न इंजन वाली बाइकों की है। ऐसी बाइकों के लिए बीएस-6 नॉर्म्स का इंजन शानदार काम करेगा। बाइक का मेंटेनेंस कम हो जाएगा और माइलेज थोड़ा बढ़ जाएगा। हालांकि बीएस-2 या बीएस-1 स्तर की बाइकों के लिए नया फ्यूल थोड़ी परेशानी कर सकता है।
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Reduce Car Pollution
कारों पर असर
दिल्ली-एनसीआर में 2010 के बाद की सभी कारें बीएस-4 मानक वाली हैं। बीएस-3 मानक वाली भी कुछ कारें यहां चलाई जा रही हैं। ऐसे में इन कारों के लिए भी बीएस-6 नॉर्म्स वाला फ्यूल काफी अच्छा रहेगा। इंजन की लाइफ और माइलेज बढ़ जाएगा, मेंटेनेंस कम हो जाएगी।
इन लोगों के लिए है परेशानी
सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा परेशानी तेल कंपनियों को होगी। उन्हें बीएस-6 नॉर्म्स वाले ईंधन के लिए नई तकनीक और उपकरण लगाने होंगे। कंपनियों का निवेश बढ़ जाएगा, जिसकी वजह से तेल के दाम भी बढ़ सकते हैं।