फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर क्यों लें कार लीज पर या क्यों खरीदें अपनी कार, पढ़ें क्या हैं फायदे और नुकसान

Mon, 25 Mar 2019 06:45 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
car on lease india - फोटो : सांकेतिक फोटो
कार कंपनियां अपनी कारों की सेल बढ़ाने के लिए कार लीज को बढ़ावा देने की कोशिशों में जुटी हुई हैं। देश में पहले से मौजूद रेव और जूम कार सर्विसेज लीज पर कारें उपलब्ध करा रही हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या कार खरीदना बेहतर है या फिर मंथली सबस्क्रिप्शन यानी लीज पर कार लेना बेहतर है। आइए जानतें हैं कि लीज पर कार लेना सही है या फिर कार खरीदना...
 
विज्ञापन

जल्द बोर होने वालों के लिए लीज बेस्ट

2 of 6
car on lease india - फोटो : सांकेतिक फोटो
अगर आप उन लोगों में से हैं जो कुछ ही महीनों में कारों से बोर हो जाते हैं, तो उन्हें कार लीज या मंथली सबस्क्रिप्शन पर कार लेनी चाहिए। लीज पर कारें 12 महीने से लेकर 48 महीने के लिए मिलती हैं। जिसके लिए पहले महीने में पूरे साल का इंश्योरेंस देना पड़ता है। वहीं लीज खत्म होने के बाद आप दूसरा व्हीकल चुन सकते हैं, या फिर लीज प्लान को आगे बढ़ा सकते हैं। वहीं कार खऱीदने के बाद कुछ ही महीनों में कार बेचना ज्यादा मुश्किल भरा साबित हो सकता है, वो भी तब जब आपने कार ईएमआई पर ली हो।
 
विज्ञापन

मिलेगी कमर्शियल नंबर प्लेट

3 of 6
car on lease india
कार लीज पर लेने से पहले एक बात जरूर जान लें कि मंथली सबस्क्रिप्शन पर मिलने वाली कारों पर कमर्शियल नंबरप्लेट मिलती है। यानी कि इन पर आपको सफेद बैकग्राउंड पर काले अक्षरों से लिखी नंबर प्लेट नहीं मिलेगी, जो प्राइवेट कारों पर मिलती है। अगर आप रोज दिल्ली से गुड़गांव जाते हैं, तो आपको स्टेट टैक्स चुकाना पड़ेगा। अगर आप ड्राइविंग के शौकीन हैं और अकसर लंबी ट्रिप्स पर जाने का शौक रखते हैं, तो आपको हर बार अतिरिक्त टैक्स चुकाना पड़ेगा।  
 

नहीं करवा पाएंगे कस्टमाइजेशन

4 of 6
car customization india - फोटो : सांकेतिक फोटो
वहीं अगर आपको कार कस्टमाइजेशन का शौक है, जिसे आप अपनी जरूरतों के मुताबिक मॉडिफाई कराते हैं, तो लीज व्हीकल को भूल जाएं। इसकी वजह है कि ज्यादातर लीज कॉन्ट्रैक्ट्स में स्टीरियो सिस्टम या अपनी मर्जी के स्पीकर्स तक नहीं लगवा पाएंगे। ऐसे में कार खरीदना ही बेहतर ऑप्शन है। यहां तक कि आप अपनी मर्जी की लाइट्स, सीट फैब्रिक, अलॉय व्हील्स भी लगवा पाएंगे।
 
विज्ञापन

नहीं हैं डाउनपेमेंट के पैसे तो लीज है बेहतर

5 of 6
car on lease india - फोटो : सांकेतिक फोटो
कार लीज पर लेना उनके लिए बेस्ट है, जिनके पास कार खरीदने के लिए डाउनपेमेंट नहीं होती या फिर वे लोग जिनकी ट्रांसफरेबल जॉब होती है और सालभर बाद किसी दूसरे शहर में ट्रांसफर हो जाता है। वहीं कार खरीदने के लिए आपको डाउनपेमेंट के साथ टैक्स और इंश्योरेंस जैसे दूसरे चार्जेज भी चुकाने पड़ते हैं। इसके मुकाबले लीज पर व्हीकल लेने के लिए आपको केवल एक साल का इंश्योरेंस और मंथली सबस्क्रिप्शन देने पड़ता है, जो हर कार का अलग-अलग होता है। वहीं लीज में कार मैंटिनेंस का भी जंझट नहीं होता, क्योंकि कई कार कंपनियां कार मैंटिनेंस का खर्च खुद वहन करती हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

लंबी दूरी तय के लिए लीज पर लेना बेहतर

6 of 6
Long car Drive india - फोटो : सांकेतिक फोटो
वहीं अगर आप अपनी कार किसी ड्राइवर को देना पसंद नहीं करते और खुद ड्राइविंग का शौक रखते हैं, जो लीज पर व्हीकल लेना ठीक रहेगा। अकसर कार मालिकों की शिकायत होती है कि ड्राइवरों की हैंडलिंग अच्छी नहीं होती है और वे कार का ठीक से ख्याल नहीं रखते हैं। ऐसे में अपनी प्राइवेट को ड्राइवर को सौंपने की बजाय लीज पर कार लें और ड्राइवर को सौंप दें। जिससे मैंटिनेंस जैसी दिक्कतों से बच जाएंगे। साथ ही, वे लोग जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, उनके लिए भी लीज पर कार लेना फायदेमंद रहेगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें