भारत में मोटरसाइकिल के सबसे बड़े निर्यातक Bajaj Auto (बजाज ऑटो) में 250 मजदूरों के कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद कंपनी के एक प्लांट को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग कर रहे हैं।
भारत में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मार्च के आखिर में पूरी तरह से लॉकडाउन लागू किया गया था। लेकिन हाल ही में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ने के बावजूद प्रतिबंधों में ढील दी गई हैं। इसने उत्पादन को फिर से तेज करने की कोशिश में लगी कुछ कंपनियों को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।
बजाज ऑटो की यह प्रभावित फैक्ट्री पश्चिमी महाराष्ट्र में स्थित है। इस राज्य में कोविड-19 के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। कंपनी ने इस हफ्ते कर्मचारियों को एक चिट्ठी भेजी जिसमें कहा गया कि जो लोग काम के लिए नहीं आएंगे, उन्हें तनख्वाह नहीं दी जाएगी।
बजाज ऑटो वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष थेंगडे बाजीराव ने कहा, "लोग काम पर आने से डर रहे हैं। कुछ आ भी आ रहे हैं लेकिन कुछ लोग छुट्टी ले रहे हैं।"
कंपनी ने 26 जून को कहा कि फैक्ट्री में लगभग 8,000 कर्मचारियों में से 140 वायरस से संक्रमित पाए गए और दो की मौत हो गई थी। इसने कहा कि काम बंद नहीं किया जाएगा, हालांकि, कंपनी "वायरस के साथ जीना" सीखना चाहती है।
औरंगाबाद जिले में वालुज क्षेत्र, जहां यह प्लांट स्थित है, की देखरेख करने वाले एक अधिकारी ने कहा कि मामलों की संख्या अब 250 से अधिक हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 24,850 नए मामले सामने आए हैं और 613 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 6,73,165 हो गई है।
मई में, चीनी स्मार्टफोन निर्माता OPPO (ओप्पो) ने कुछ श्रमिकों के कोरोना परीक्षण में पॉजिटिव पाए जाने के बाद नई दिल्ली के पास एक प्लांट में काम को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया।
मजदूरों और मजदूर संघ के नेताओं का कहना है कि बजाज ने अपने बसों में अलग बैठने की व्यवस्था करने और कर्मचारियों के लिए मास्क और सैनेटाइजर उपलब्ध कराने के अलावा फैक्ट्री के अंदर और उसके कैफेटेरिया में सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। लेकिन वे कहते हैं कि यह पर्याप्त नहीं है।
कोविड-19 के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में इलाज करा रहे एक मजदूर ने कहा, "असेंबली लाइन पर, कई लोग एक ही इंजन को छूते हैं। हमने दस्ताने पहने हुए थे, लेकिन फिर भी वायरस से संक्रमित हो गए।"