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EV: अमिताभ कांत ने कहा- भारत को 2030 तक दो और तीन-पहिया वाहनों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य रखना चाहिए

Wed, 19 Jul 2023 06:18 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Amitabh Kant - फोटो : For Reference Only
भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने बुधवार को कहा कि देश को 2030 तक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को यह लक्ष्य रखना चाहिए कि 2030 तक उसका 65 प्रतिशत सरकारी सार्वजनिक परिवहन इलेक्ट्रिक हो। कांत ने कहा, भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक स्पष्ट पॉलिसी प्रेमवर्क (नीति ढांचे) की जरूरत है।
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Electric Two Wheeler - फोटो : For Reference Only
वह पणजी में भारत की जी20 प्रेसीडेंसी के तहत चल रही चौथी ऊर्जा परिवर्तन कार्य समूह की बैठक के दौरान नीति आयोग द्वारा 'भारत की इलेक्ट्रिक गतिशीलता में तेजी लाने के लिए नीति समर्थन और सक्षमकर्ता' विषय पर आयोजित एक अन्य कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

नीति आयोग के पूर्व सीईओ ने कहा, "जब भारत शहरीकरण करता है, तो हमारा शहरीकरण कॉम्पैक्ट होना चाहिए। रहने लायक अच्छा होना चाहिए। भारत में, हमें सबसे पहले दोपहिया और तिपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाना होगा।"

उन्होंने कहा, "भारत की नीति यह होनी चाहिए कि हमें वर्ष 2030 तक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करना होगा। चाहे जो भी हो, लक्ष्य तय करें और इस ओर काम करें।"
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Electric Car - फोटो : For Reference Only
कांत ने कहा कि डीजल और पेट्रोल मरती हुई टेक्नोलॉजी हैं। उन्होंने कहा, "वे (पेट्रोल और डीजल) जल्द ही खत्म हो जाएंगे और इलेक्ट्रिक वाहनों का युग आकर रहेगा।" उन्होंने कहा, वैश्विक स्तर पर, इलेक्ट्रिक कार बाजार 10 मिलियन (एक करोड़) के आंकड़े तक पहुंच गया है और बेची गई नई कारों में से 18 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हैं। कांत ने कहा, चीन में 60 फीसदी कारें इलेक्ट्रिक हैं और यूरोप में यह 15 फीसदी और अमेरिका में 10 फीसदी है। उन्होंने कहा, "भारत जो ट्रेजेक्टरी (प्रक्षेप पथ) अपनाएगा वह अमेरिका और यूरोप से अलग होगा।"

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Electric Two Wheeler - फोटो : For Reference Only
कांत ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कम लागत वाली फाइनेंसिंग का निर्माण करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय ऋणदाताओं को इस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का रीसेल वैल्यू कम है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग को वित्तीय संस्थानों के साथ बैठना चाहिए और इस बात पर काम करना चाहिए कि इन वाहनों के लिए दूसरा बिक्री बाजार कैसे विकसित किया जा सकता है। 
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Simple One Electric Scooter Simple Energy Plant - फोटो : For Reference Only
कांत ने कहा, एक और चुनौती पीपीपी ढांचे के जरिए कस्बों और गांवों में एक मजबूत चार्जिंग बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मैन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्री का 49 प्रतिशत है और आठ से नौ प्रतिशत रोजगार देता है। उन्होंने कहा, "अगर भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाएगा तो वह दुनिया का ऑटोमोबाइल ग्लोबल चैंपियन बनने का मौका खो देगा।"
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