What is Daridra Yoga in Astrology: मनुष्य की कुंडली में कई ऐसे शुभ योग होते हैं जो जीवन में सफलता, धन, यश और सुख समृद्धि प्रदान करते हैं। वहीं कुछ योग ऐसे भी होते हैं जो इंसान की असफलता, कमजोर भाग्य और आर्थिक असफलता के भी कारण बनते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इन्हें ही दरिद्र योग कहा जाता है। अगर किसी इंसान की कुंडली में दरिद्र योग बन जाए तो जीवनभर उसे बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों के बने बनाए काम बिगड़ जाते हैं। दरिद्र योग को वैदिक ज्योतिष में एक अशुभ योग माना गया है। इसकी प्रचलित परिभाषा के अनुसार यदि किसी कुंडली में ग्यारहवें भाव का स्वामी छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो तो ऐसी कुंडली में दरिद्र योग बनता है। यह योग जातक को पेशे, प्रतिष्ठा, वित्त और कई अन्य समस्याओं से संबंधित समस्याओं से परेशान कर सकता है।