Shukra Transit in Meen: वैदिक ज्योतिष में शुक्र का गोचर थोड़े समय के लिए होता है, और यह लगभग 23 दिनों में राशि परिवर्तन करता है। शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। माना जाता है कि यह कन्या राशि में अपनी नीच अवस्था में और मीन राशि में अपनी उच्च अवस्था में है, और अब शुक्र अपनी उच्च अवस्था में मीन राशि में गोचर करेगा, जो सभी जीवों को प्रभावित करेगा। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र कमजोर होता है, उन्हें पारस्परिक संबंधों में असमानता, तनाव और प्रेम संबंधों में परेशानी का सामना करना पड़ता है और वह व्यक्ति आनंद के लिए इधर-उधर भागता है। शुक्र की कृपा से जातकों को धन का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।जिस व्यक्ति की कुंडली अच्छी स्थिति में होती है उसके जीवन में प्रेम होता है। व्यक्ति उसकी ओर आकर्षित होते हैं। शुक्र का मीन राशि में गोचर 15 फरवरी, 2023,सायं 07:43 बजे होगा। शुक्र ग्रह 12 मार्च तक मीन राशि में रहेगा। इसके बाद शुक्र ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे। कुंडली में शुक्र के शुभ प्रभाव से जातकों की आर्थिक स्थिति अच्छी होती है। शुक्र के गोचर से राशि के लोगों के करियर और कार्यक्षेत्र में तरक्की और सुख-सुविधाओं में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां।