वैदिक संस्कृति में पाठ-पूजा कर्मकांड का विषय है। इसके माध्यम से ईश्वर की भक्ति की जाती है। देवी-देवताओं की आराधना के लिए शास्त्रों में पूजा-पाठ के नियम बताए गए हैं, जिनके माध्यम से ईश्वरीय अनुकंपा को प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए सनातन परंपरा को मानने वाले लोगों के घरों में एक मंदिर होता है जिसे पूजा घर भी कहा जाता है। यहां विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां और तस्वीरें होती हैं जिनसे सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है। लेकिन कई बार जाने-अनजाने में ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिससे घर का पूजा स्थान उन्नति में बाधक बन जाता है। आइए जानते हैं ये गलतियां कौन-कौनसी हैं?