दिशाओं में प्रमुख 4 दिशाएं मानी जाती है, पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण। इसी प्रकार 4 विदिशाएं होती हैं उत्तर-पूर्व, दक्षिण पूर्व, दक्षिण पश्चिम एवं उत्तर पश्चिम। वास्तुविज्ञान के अनुसार घर की हर दिशा का अपना एक अलग महत्व होता है। हर दिशा के अपने कुछ नियम और विशेषताएं होती हैं। जैसे घर की उत्तर दिशा को कुबेर और लक्ष्मी की दिशा माना गया है और इस दिशा में सकारात्मक ऊर्जा सबसे अधिक होती है। तभी तो इस दिशा को पूजापाठ के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दिशा में कोई वास्तुदोष उत्पन्न न हो एवं आपको इस दिशा का पूर्ण लाभ मिल सके इसके लिए जरूरी है कि आप इन बातों का ध्यान अवश्य रखें।