वास्तु विज्ञान में कुछ ऐसे दोषों का उल्लेख किया गया है जिनके घर में होने पर अक्सर आर्थिक परेशानी बनी रहती है। देखिए कहीं आपके घर में भी यह वास्तु दोष तो नहीं है।
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वास्तु के सात दोष जिनसे होता है आर्थिक नुकसान
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वास्तुविज्ञान के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा गया है। यह दिशा धन आगमन की दिशा मानी जाती है। जिन घरों में किसी कारण से ईशान कोण बंद होता है या ईशान कोण में भारी सामान या गंदगी होती है उन घरों में हमेशा आर्थिक परेशानी बनी रहती है। इनके घर में धन का आगमन धीमी गति से होता है।
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वास्तु के सात दोष जिनसे होता है आर्थिक नुकसान
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उत्तर पूर्व की तरह उत्तर पश्चिक दिशा का बंद होना भी धन आगमन के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। उत्तर पश्चिम दिशा को वास्तुशास्त्र में वायव्य कोण कहा जाता है। इस दिशा में दीवार के होने से परिवार में आपसी मतभेद बढ़ता है और अक्सर धन की हानि होती रहती है।
वास्तु के सात दोष जिनसे होता है आर्थिक नुकसान
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वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को यम की दिशा कहा गया है। इसलिए इस दिशा की तरह घर का दरवाजा नहीं होना चाहिए। इस दिशा की ओर खुला भाग होने पर धन और आयु की हानि होती है। इसलिए इस दिशा की ओर मुंह करके तिजोरी और आलमारी भी नहीं रखना चाहिए अन्यथा धन का अभाव बना रहता है।
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वास्तु के सात दोष जिनसे होता है आर्थिक नुकसान
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जिन घरों में उत्तर पूर्व दिशा में रसोई घर होता है उस घर का बजट अक्सर बिगड़ा रहता है। पश्चिम या दक्षिण पूर्व में रसोई घर हो तो धन धान्य की वृद्घि होती है।
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वास्तु के सात दोष जिनसे होता है आर्थिक नुकसान
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घर का मुख्य शयन कक्ष यानी जिस घर में परिवार का मुखिया सोता हो वह आग्नेय कोण में यानी दक्षिण पूर्व में हो तब अनावश्यक परेशानी आती रहती है। घर का मुखिया तनाव और परेशानी से घिरा रहता है। आर्थिक चिंताएं बढ़ती और पारिवारिक सुख में कमी आती है।
वास्तु विज्ञान के अनुसार जिन घरों का दक्षिण पश्चिम दिशा अन्य दिशा से अधिक बढ़ा हुआ होता है उन घरों में आर्थिक परेशानी आती है। ऐसे घरों में रहने वालों को कानूनी मामलों में उलझना पड़ता है, स्वास्थ्य की परेशानी बनी रहती है जिनसे धन का नुकसान होता है।