वास्तुसम्मत घर बनाने के बाद भी कभी-कभी आपको उसका उचित फल प्राप्त नहीं होता। कामयाबी की जगह आपको असफलता हाथ आती है। नतीजन आपके सुख-चैन में अड़चनें आने लगती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा होना आपके घर में वास्तु दोष होने का संकेत है। ऐसे में वास्तु के कुछ सरल उपाय करके आप अपनी इन परेशानियों को दूर कर सकते हैं।
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Vastu Plants
- फोटो : iStock
जल से जुड़े उपाय
रसोईघर में पीने के पानी की व्यवस्था ईशान कोण में करनी चाहिए।
सकारात्मक ऊर्जा के लिए घर में बनी क्यारियों में लगे हुए पौधों को सूखने न दें, इनमें नियमित रूप से पानी दें।
घर में वर्षा का जल हो या पाइप से निकलने वाला,इसका प्रवाह सदैव उत्तर-पूर्व की ओर होना चाहिए।
घर के मध्य भाग में कोई कुंआ या पानी की टंकी नहीं होनी चाहिए,ऐसा होने पर परिवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
छत पर दक्षिण-पश्चिम दिशा में पानी की टंकी की व्यवस्था करना लाभप्रद रहता है,इसी प्रकार बोरिंग या भूमिगत पानी की टंकी उत्तर या पूर्वोत्तर दिशा में होनी चाहिए।
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vastu tips
प्रवेशद्वार के लिए नियम
घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से वास्तुदोष दूर होते हैं,सुख-समृद्धि आती है।
मुख्यद्वार बनाते समय उसकी स्थापना अच्छे मुहूर्त में करनी चाहिए एवं दीवार के मध्य कभी भी प्रवेशद्वार नहीं बनाना चाहिए।
घर का मुख्य द्वार एक ही होना चाहिए एवं इसको बनाने के लिए शुभ लकड़ी जैसे शीशम,आम,सागवान,नीम आदि का प्रयोग करना चाहिए ।
घर के द्वार की देहरी खंडित नहीं होनी चाहिए,ऐसा होना अशुभ माना गया है एवं द्वार के भीतर या बाहर पाँव-पौंछ रखने हेतु गर्त नहीं बनाना चाहिए।
नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए दरवाजे को खोलते तथा बंद करते समय किसी भी प्रकार की कर्कश ध्वनि नहीं निकलनी चाहिए।