अक्सर देखा गया है कि वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप भवन का निर्माण करने के बाद भी घर में वास्तुदोष उत्पन्न हो जाता है। इसका कारण है कि लोग घर तो वास्तु के अनुसार बना लेते हैं,लेकिन घर की आंतरिक व्यवस्था में वास्तु के नियमों का पालन नहीं करते। ऐसा होने पर घर में पंचतत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे कई प्रकार की परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। घर में सुख-शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिए कुछ वास्तु नियमों को अपनाया जा सकता है।
- अच्छा कमाने के बाद भी आपको लगता है कि घर में फिजूलखर्च बहुत हो जाता है, तो आपको अपने घर के दक्षिण-पूर्व दिशा क्षेत्र से नीला रंग हटाने की ज़रुरत है। इस दिशा में हल्का नारंगी एवं गुलाबी रंगों का प्रयोग करें।
- घर में अग्नि से सम्बंधित उपकरण जहां तक संभव हो दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने चाहिए।
- घर में लगे हुए बिजली के उपकरणों का रख-रखाव उचित ढंग से होना चाहिए। उनमें से किसी भी प्रकार की आवाज या ध्वनि नहीं निकलनी चाहिए।