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Vastu Tips For Bedroom: शयन कक्ष के इन वास्तु नियमों का रखें ध्यान, चैन की नींद के साथ तनाव भी होगा दूर

Sat, 03 Aug 2024 06:51 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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शयन कक्ष वास्तु - फोटो : amar ujala
Bedroom According To Vastu: अच्छी और पूरी नींद लेना सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए शयन कक्ष यानी बेडरूम का वातावरण ऐसा होना चाहिए जहां हम सुकून और शांति भरी नींद ले सकें। कई बार हमें रात को सही से नींद नहीं आती है। इसका कारण तनाव भी होता है। इसका एक अन्य कारण आपके शयन कक्ष का खराब वास्तु भी हो सकता है। इसलिए शयन कक्ष का निर्माण और उसमें रखी जाने वाली चीजों का वास्तु के अनुसार होना अत्यंत आवश्यक होता है। वास्तु के अनुसार आप अपने शयन कक्ष में बदलाव करके चैन की नींद ले सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कौन सी दिशा में क्या होना चाहिए। इसका उल्लेख कई वास्तु ग्रंथों में मिलता है। भवन भास्कर और विश्वकर्मा प्रकाश सहित अन्य ग्रंथों में भी इसका उल्लेख और वास्तु से जुड़े नियमों की जानकारी मिलती है। आइए जानते हैं शयन कक्ष यानी बेडरूम से जुड़े वास्तु के महत्वपूर्ण नियम।  
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शयनकक्ष के लिए वास्तु - फोटो : freepik
  • शयन कक्ष के बीच में कभी भी ऐसा बीम नहीं बनवाना चाहिए जो उसे दो हिस्सों में विभाजित करता हो। 
  • बिस्तर या पलंग के सामने कभी भी आईना नहीं लगाना चाहिए। यदि आईना लगा है तो उसे हटा दें या फिर सोते समय उसपर कोई मोटा पर्दा लगा देना चाहिए।
  • शयन कक्ष में कभी भी अपने पूर्वजों, देवी-देवताओं की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए और न ही मंदिर बनाना चाहिए। राधा-कृष्ण और हंसों के जोड़े की तस्वीर लगा सकते हैं।
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शयनकक्ष के लिए वास्तु - फोटो : freepik
  • पलंग का आकार लगभग चौकोर होना चाहिए। गोल या अंडाकार पलंग नहीं रखना चाहिए। पलंग कही से भी टूटा हुआ नहीं होना चाहिए। 
  • पलंग लोहे का नहीं होना चाहिए न ही पलंग के नीचे लोहे की वस्तुएं रखनी चाहिए। 
  • ज्यादातर लोग सोते समय सिरहाने या फिर पलंग के नीचे पीने के लिए पानी रखकर सोते हैं। लेकिन कभी भी पानी रखकर नहीं सोना चाहिए। 
  • सोते समय अपने पैर दक्षिण या पूर्व दिशा में नहीं करने चाहिए। सोते समय पैर पश्चिम दिशा की ओर करना चाहिए इससे नींद अच्छी आती है।

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शयनकक्ष के लिए वास्तु - फोटो : freepik
  • यदि आपका घर बड़ा है और उसमें कई शयन कक्ष हैं तो घर का मुख्य शयन कक्ष का निर्माण घर के नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम या फिर वायव्य कोण यानी उत्तर-पश्चिम की ओर करवाना चाहिए। 
  • हमेशा ध्यान रखें कि पलंग दरवाजे के सामने न हो और न ही कभी दरवाजे की तरफ पैर करके सोना चाहिए। 
  • ज्यादातर घरों में डबलबैड पड़े होते हैं, जिसमें दो गद्दे लगे रहते हैं। अगर हो सके तो दो की जगह एक ही बड़े गद्दे का प्रयोग करना चाहिए। अगर दो गद्दे लगे हैं तो हमेशा उन्हें अच्छे से सटाकर रखें। 
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शयनकक्ष के लिए वास्तु - फोटो : freepik
  • शयन कक्ष में सोते समय हमेशा अपना सिर दीवार से सटाकर सोना चाहिए। 
  • शयन कक्ष में कभी भी झाड़ू, जूते चप्पल टूटा हुआ सामान खराब इलैक्ट्रानिक सामान आदि नहीं रखना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा आती है। 
  • शयन कक्ष और घर से सभी दरवाजों में तेल डालकर रखना चाहिए ताकि दरवाजे और खिड़कियां खोलते या बंद करते समय आवाज न हो। 
  • तकिया, चादर गद्दे हमेशा साफ-सुथरे होने चाहिए साथ ही बिस्तर कहीं से भी फटा हुआ नहीं होना चाहिए। 
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