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Roti Vastu Tips: क्या आप दान करते हैं पहली और आखिरी रोटी? जानें क्या है वास्तु के नियम

Tue, 16 Jun 2026 05:20 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Roti Vastu Tips: यदि रोटी बनाने, सेकने और परोसने के दौरान कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखा जाए, तो घर में दरिद्रता दूर होती है और मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं इसके पीछे का महत्व और नियम।
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पहली रोटी गाय की और आखिरी कुत्ते की क्यों? - फोटो : AI
Roti Vastu Tips: वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा में रसोईघर को अत्यंत पवित्र स्थान माना गया है। यह केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर की सेहत, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन से गहराई से जुड़ा होता है। रसोई में बनने वाली रोटी सिर्फ भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि यह घर की सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। यदि रोटी बनाने, सेकने और परोसने के दौरान कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखा जाए, तो घर में दरिद्रता दूर होती है और मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।

शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए। आइए जानते हैं इसके पीछे का महत्व और नियम।
 
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पहली रोटी गाय को देने का महत्व - फोटो : Adobe Stock
पहली रोटी गाय को देने का महत्व
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, गाय को अत्यंत पवित्र माना गया है और उसमें समस्त देवी-देवताओं का निवास बताया गया है। रसोई में बनने वाली पहली रोटी, जिसे ‘गोग्रास’ कहा जाता है, गाय को खिलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही, मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वास्तु दोषों का प्रभाव भी कम होता है।
 
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आखिरी रोटी कुत्ते को देने का कारण - फोटो : Adobe Stock
आखिरी रोटी कुत्ते को देने का कारण
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में कुत्ते को भैरव भगवान का वाहन और राहु-केतु से जुड़ा माना जाता है। रसोई की आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने से इन ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में मदद मिलती है। यदि रोटी पर हल्का सा सरसों का तेल लगाकर कुत्ते को दिया जाए, तो शनि से जुड़े दोष जैसे साढ़ेसाती या ढैय्या भी कम हो सकते हैं। यह भी माना जाता है कि कुत्ता घर पर आने वाली नकारात्मक शक्तियों और संकटों को अपने ऊपर ले लेता है।
 

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कुछ अन्य जरूरी नियम जिनका ध्यान रखना चाहिए - फोटो : Adobe Stock
कुछ अन्य जरूरी नियम जिनका ध्यान रखना चाहिए

अग्नि ग्रास का महत्व
कई घरों में रोटी बनाने से पहले आटे का थोड़ा हिस्सा निकालकर अग्नि को अर्पित किया जाता है, जिसे ‘अग्नि ग्रास’ कहा जाता है। यह अग्नि देव का सम्मान करने की परंपरा है, जिसके बाद पहली रोटी गाय के लिए बनाई जाती है।

पंचबलि की परंपरा
गाय और कुत्ते के अलावा, भोजन का कुछ अंश पक्षियों, खासकर कौवों और चींटियों के लिए भी निकाला जाता है। इसे ‘पंचबलि कर्म’ कहा जाता है, जो प्रकृति और जीवों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
 
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कैसी रोटी नहीं देनी चाहिए - फोटो : Adobe Stock
कैसी रोटी नहीं देनी चाहिए
ध्यान रखें कि गाय या कुत्ते को कभी भी जली हुई, बासी या बची हुई रोटी नहीं देनी चाहिए। कई लोग सबसे छोटी या खराब रोटी दे देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार यह सही नहीं है। हमेशा साफ, ताजी और अच्छी तरह बनी रोटी ही देनी चाहिए। इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि का प्रवाह बना रहता है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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