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इस तरह कर सकते हैं दक्षिणमुखी मकान का वास्तु दोष दूर, जानें उपाय

Wed, 17 Feb 2021 06:44 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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vastu tips
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा के मकान को शुभ नहीं माना जाता है। दक्षिण मुखी मकान को कुछ परस्थितियों के अलावा नकारात्मक प्रभाव वाला माना जाता है। दक्षिण मुखी मकान में वास्तु दोष लगता है। जिसके कारण व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वास्तु में दिशाओं का बहुत महत्व माना जाता है, जिसके अनुसार उक्त दिशा में किया गया निर्माण उसी के अनुसार फल प्रदान करता है। दक्षिण मुखी मकान में कुछ बातों को ध्यान में रखकर वास्तु दोष दूर किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं कि किन परिस्थितियों में दक्षिणमुखी मकान में नहीं होता हैं वास्तु दोष का प्रभाव और किन उपायों को अपनाकर कर सकते हैं दक्षिणमुखी मकान का दोष....
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वास्तुु टिप्स
इस स्थिति में दक्षिणुखी मकान में नहीं होता है नकारात्मक प्रभाव

यदि आपका मकान दक्षिणमुखी हैं लेकिन मुख्य द्वार के सामने की ओर दोगुनी दूरी पर नीम का हराभरा वृक्ष है तो इस स्थिति में दक्षिण दिशा का नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है। 

इसी तरह से यदि किसी का मकान दक्षिणमुखी हैं लेकिन उस मकान के सामने दोगना बड़ा कोई दूसरा मकान बना हुआ है तो भी काफी हद तक नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।
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पंचमुखी हनुमान जी - फोटो : अमर उजाला
दक्षिणमुखी मकान का दोष दूर करने के लिए करें ये
यदि आपका मकान दक्षिणमुखी हो तो उसका वास्तु दोष दूर करने के लिए द्वार के उपर पंचमुखी हनुमान जी का चित्र भी लगाना चाहिए। इससे आपके मकान का वास्तुदोष दूर होता है, जिससे नकारात्मक प्रभाव भी समाप्त हो जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
यदि आपका द्वार दक्षिण की तरफ बना हुआ है तो अपने द्वार के ठीक सामने एक आदमकद दर्पण इस प्रकार लगाएं कि जब कोई व्यक्ति घर में प्रवेश करे तो उसका पूरा प्रतिबिंब दर्पण में दिखाई दे। माना जाता है कि इससे घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति के साथ घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा वापस चली जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
यदि आपका द्वार दक्षिण दिशा की ओर है तो भगवान गणेश को दो प्रतिमाएं लाकर एक को अंदर की ओर और दूसरी को बाहर की ओर मुख करके इस तरह से लगाएं कि भगवान गणेश की पीठ के दर्शन न हो। द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा लगाने ओर शुभ चिन्ह स्वास्तिक बनाने से घर में सकारात्मकता आती है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
यदि आपका मुख्य द्वार आग्नेय कोण यानि पूर्व-दक्षिण में है तो उसका रंग लाल या मैरून रंग का करवाएं, या फिर हरा और भूरा रंग भी करना सकते हैं। इससे आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है। द्वार पर कभी भी काला या फिर नीला रंग नहीं करवाना चाहिए।
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