अगर आप दिन रात मेहनत में ल्रगे रहते हैं और इसके बावजूद भी आपका बिजनेस सही से नहीं चल रहा, पैसों की हमेशा तंगी रहती है तो इसका एक कारण आपकी जमीन भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस जमीन पर आप व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं और अगर वह जमीन दोषपूर्ण हो तो आपकी मेहनत और योग्यता के अनुसार लाभ नहीं मिलता है। इसलिए व्यवसाय या फैक्ट्री स्थापित करने से पहले इस तरह से जमीन की अच्छी तरह जांच परख कर लें।
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वास्तु विज्ञान के अनुसार ऐसी जमीन पर फैक्ट्री लगानी चाहिए, जहां की जमीन में नमी हो। शुष्क, बंजर और कटी- फटी जमीन फैक्ट्री के लिए अच्छी नहीं होती है। ऐसी जमीन में फैक्ट्री लगाने से बार-बार परेशानी आती है। जिस जमीन पर फैक्ट्री स्थापित करने जा रहे हैं, उसका आकार भी काफी मायने रखता है।
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व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए वर्गाकर और आयाताकर जमीन शुभ होती है। ऐसी जमीन जो आगे से चौड़ी और पीछे से संकरी होती है अथवा जिस जमीन का उत्तर पूर्वी भाग बढ़ा होता है, वह भी फैक्ट्री एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए लाभप्रद होती है। अन्य आकार की जमीन व्यवसाय के लिए हानिप्रद होती है।
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व्यावसायिक लाभ की दृष्टि से पूर्वोत्तर दिशा में मुख्य दरवाजा उत्तम होता है। पूर्वोत्तर दिशा में मुख्य दरवाजा बनाने में परेशानी हो तो ईशान कोण में मुख्य दरवाजा बनवा सकते हैं। इससे कर्मचारियों के साथ अच्छे संबंध बने रहते हैं, जिससे उनका पूरा सहयोग प्राप्त होता है।
वास्तु विज्ञान के अनुसार आग्नेयमुखी द्वार व्यवसाय के लिए अच्छा नहीं होता है, इससे बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों के साथ मनमुटाव बना रहता है।